Homeदेश-समाजदलित महिला से गैंगरेप में जुनैद सहित 8 गिरफ्तार, दो निकले DMK कार्यकर्ता: बोले...

दलित महिला से गैंगरेप में जुनैद सहित 8 गिरफ्तार, दो निकले DMK कार्यकर्ता: बोले लोग – लड़कियों को स्टालिन की पार्टी से बचाओ

मुख्य आरोपित ने उसके आवास के पास के एक गोदाम में मिलने का लालच दिया था। वहाँ पर उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और इसका वीडियो भी बनाया। 6 महीने में कई बार ब्लैकमेल कर के गैंगरेप।

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक 22 वर्षीय दलित महिला के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें से दो तमिलनाडु में सत्ताधारी पार्टी DMK के कार्यकर्ता हैं, जबकि चार नाबालिग हैं।

गिरफ्तार आरोपितों के नाम हरिहरन, जुनैथ अहमद, प्रवीण और मदासामी हैं। इसके अलावा 4 नाबालिगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो कक्षा 10-12 में पढ़ते हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने महिला के साथ कई बार रेप किया। विरोध करने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। 

पुलिस के अनुसार, पीड़िता को इस मामले के मुख्य आरोपित हरिहरन ने उसके आवास के पास के एक गोदाम में मिलने का लालच दिया था। वहाँ पर उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया और इसका वीडियो भी बनाया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मुख्य आरोपित व उसके साथियों ने महिला से 6 महीने तक कई बार दुष्कर्म किया।

इससे तंग आकर महिला ने हिम्मत जुटाई और विरुधुनगर ग्रामीण पुलिस स्टेशन से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। अपराधियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की बलात्कार संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के सामने आते ही ट्विटर पर ‘#Save_GirlsfromDMK’ ट्रेंड होने लगा। इसके बाद DMK नेता कनिमोझी ने ट्विटर पर कहा कि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे उनका राजनीतिक जुड़ाव कुछ भी हो। 

फोटो साभार: Twitter

वहीं तमिलनाडु भाजपा प्रमुख, अन्नामलाई ने मंगलवार (22 मार्च, 2022) को कहा कि विरुधुनगर में एक 22 वर्षीय महिला से जुड़े ब्लैकमेल और गैंगरेप की घटना के बारे में जानकर वह स्तब्ध और दुखी हैं। तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इस शर्मनाक कृत्य में स्थानीय द्रमुक पदाधिकारी का शामिल होना अधिक चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि DMK सरकार लोगों को पुलिस व्यवस्था पर विश्वास नहीं दिला पा रही है।

अन्नामलाई ने ट्वीट करते हुए कहा, “इन अपराधियों को गिरफ्तार करना एक बात है, लेकिन इस द्रमुक सरकार के तहत समग्र पुलिस व्यवस्था में सुधार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।” उन्होंने सवाल किया, “क्या तमिलनाडु के मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के लोगों की पकड़ से स्थानीय पुलिस को बचाएँगे?”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -