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कश्मीर में फिर BJP नेता को मारने के लिए हुआ आतंकी हमला: PSO ने अकेले एक आतंकी को मार कर बचाई जान, हुए बलिदान

भाजपा नेता गुलाम कादिर अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल की ओर जा रहे थे। हालाँकि, जैसे ही वह अपने गेट तक पहुँचे आतंकी उनके सामने आ गए और उन पर हमला कर दिया, तभी पीएसओ अल्ताफ हुसैन ने उनकी जान बचाते हुए जवाबी फायरिंग शुरू की। इस बीच आतंकियों ने उन पर गोली भी चलाई लेकिन तब भी.........

कश्मीर के गांदरबल जिले के नुनार में मंगलवार (अक्टूबर 6, 2020) को भाजपा जिला उपाध्यक्ष गुलाम कादिर राथर व उनकी पत्नी के घर पर आतंकियों ने ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाईं। हालाँकि, इस दौरान नेता के अंगरक्षक व पीएसओ अल्ताफ हुसैन ने फौरन सामने आते हुए बीजेपी नेता की जान बचा ली। मगर, हमले में वह खुद बुरी तरह घायल हो गए।

इस दौरान पीएसओ ने एक आतंकी को ढेर किया जबकि बाकी बचे आतंकियों को भी अपने साहस से अकेले वहाँ से खदेड़ दिया। बाद में गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौत हो गई। अब आतंकी हमले की सूचना के बाद इलाके में अतिरिक्त जवान बुलाए गए हैं और आतंकियों की तलाश की जा रही है। यह जानकारी कश्मीर पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कल रात के करीब 8 बजे आतंकियों ने भाजपा नेता के घर पर हमला बोला। इस दौरान गुलाम कादिर अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल की ओर जा रहे थे। हालाँकि, जैसे ही वह अपने गेट तक पहुँचे आतंकी उनके सामने आ गए और उन पर हमला कर दिया, तभी पीएसओ अल्ताफ हुसैन ने उनकी जान बचाते हुए जवाबी फायरिंग शुरू की।

इस बीच आतंकियों ने उन पर गोली भी चलाई लेकिन तब भी वह फायरिंग करते ही रहे। दोनों तरफ से 5 मिनट तक गोलियाँ चली। इसके बाद 1 आतंकी के ढेर होते ही बाकी भी वहाँ से भाग गए। गोलियों की आवाज सुनकर आस-पास के इलाके में गश्त कर रहे सेना व पुलिस के जवान भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने भाजपा नेता व उनके परिवार की सुरक्षा का इंतजाम करके पीएसओ अल्ताफ को फौरन अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अल्ताफ ने भाजपा नेता को कोई चोट नहीं आने दी। बताया जा रहा है कि पीएसओ अल्ताफ ने इतना साहस दिखाया कि उन्होंने आतंकियों को नेता के पास तक पहुँचने ही नहीं दिया।

बता दें कि सुरक्षाबलों ने मारे गए आतंकी का शव अपने कब्जे में ले लिया है और इलाके की घेराबंदी करके पूरे इलाके में तलाशी अभियान भी जारी है। उल्लेखनीय है कि आतंकी हमले में अपने अंगरक्षक के कारण बचने वाले गुलाम कादिर पिछले माह भी चर्चा में आए थे। उन पर किजौरा गाँव में कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा था।

ज्ञात हो कि यह कश्मीर में भाजपा नेताओं पर हमले की पहली वारदात नहीं है। 5 अगस्त को कुलगाम में आतंकियों ने भाजपा सरपंच सज्जाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जुलाई माह में बांदीपोरा के जिला अध्यक्ष और उनके दो परिजनों की हत्या कर दी गई थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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