मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में सांप्रदायिक तनाव ने हिंसक रूप ले लिया है। गुरुवार (22 जनवरी 2026) शाम को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के स्थानीय नेता सोहिल ठाकुर बुंदेला पर जानलेवा हमला हुआ, जिसके बाद शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को जुमे की नमाज के बाद उपद्रवियों की भीड़ ने हिंदू बहुल मोहल्लों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में कम से कम 13 बसें, 10 कारें, कई मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कई घरों और दुकानों को निशाना बनाया गया। पुलिस ने अब तक 15 से 20 लोगों को गिरफ्तार किया है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है।
VHP नेता पर मुस्लिमों के हमले से मामले की शुरुआत
यह पूरा विवाद गुरुवार (22 जनवरी 2026) की शाम करीब 7:00-7:30 बजे शुरू हुआ। तराना के शुक्ला मोहल्ला में VHP की गौ सेवा प्रकोष्ठ के प्रमुख सोहिल ठाकुर बुंदेला अपने घर के बाहर मंदिर के पास खड़े थे। इसी दौरान मुस्लिम युवतों उन्हें टोका और फिर पीछे से लाठी-डंडों से हमला कर दिया। सोहिल के सिर में गंभीर चोट आई और उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और फिर उज्जैन रेफर किया गया। हमले में करीब छह लोग घायल हुए।
हमले की खबर फैलते ही दोनों पक्षों के लोग सड़कों पर उतर आए। पत्थरबाजी और तोड़फोड़ शुरू हो गई, लेकिन पुलिस ने देर रात तक स्थिति संभाल ली। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की और हमले के पाँच नामजद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। एक मुख्य आरोपित अभी फरार है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और धारा 163 BNSS के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई।
जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों ने सड़कों पर उतर कर की हिंसा
शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को खेड़ी मोहल्ला तकिया मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद तनाव फिर भड़क उठा। नमाज खत्म होते ही बड़ी संख्या में मुँह पर कपड़ा बाँधे उपद्रवी सड़कों पर उतर आए। मुस्लिमों की भीड़ ने गलियों में पथराव करते हुए गाड़ियों में तोड़फोड़ की वहीं दूसरी ओर बस स्टैंड के पास खड़ी एक बस में आग लगा दी।
इसके बाद भीड़ ने सड़कें जाम कर दीं और हिंदू बहुल इलाकों की ओर बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तलवार, लाठी-डंडे और रॉड से लैस लोग हिंदू मोहल्लों में घुसे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उपद्रवी घरों में घुसने की कोशिश कर रहे थे, पूजा स्थल को निशाना बनाने की धमकी दे रहे थे और गाली-गलौच कर रहे थे।
हिंदू मोहल्लों में जमकर पत्थरबाजी हुई। घरों के शीशे टूट गए, दरवाजे तोड़े गए। बस स्टैंड के पास खड़ी बसों को आग के हवाले कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में ही उपद्रवी घरों में तोड़फोड़ कर रहे थे और एक बस को जलाते हुए नजर आ रहे थे। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि उपद्रवी मोहल्ले को घेरकर चिल्ला रहे थे और पुलिस पर भी दबाव बना रहे थे।
हिंसा में भारी संपत्ति का नुकसान
- कम से कम 13 बसें क्षतिग्रस्त, जिनमें से एक-दो को पूरी तरह आग लगा दी गई।
- 10 कारें और कई मोटरसाइकिलें तोड़ी-जलाई गईं।
- 4-6 घरों में तोड़फोड़, शीशे टूटे।
- कई दुकानों को निशाना बनाया गया।
- एक मंदिर के बाहर पत्थरबाजी की गई, हालाँकि पूजा स्थल को बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
पुलिस और प्रशासन की तरफ से कार्रवाई जारी
पुलिस ने तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया। जिले के 5-10 थानों से फोर्स बुलाई गई। ड्रोन से निगरानी की जा रही है और फ्लैग मार्च निकाला गया। CCTV फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो की जाँच कर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
नामजद दंगाइयों से इतर पुलिस ने सप्पन मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया। इनमें से पाँच को गिरफ्तार कर लिया गया है, एक की तलाश जारी है।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा, “हमने 15 से 20 लोगों को हिरासत में लिया है। CCTV और वीडियो देखकर अन्य आरोपितों की पहचान हो रही है। सख्त कार्रवाई होगी।” उन्होंने लोगों से अफवाहें न फैलाने और शांति बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावोस से लौटते ही सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।”
VHP और हिंदू संगठनों ने हमले के मुख्य आरोपित की तुरंत गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर एक्शन की माँग की। तराना थाने के बाहर प्रदर्शन भी हुआ।
अभी शनिवार (24 जनवरी 2026) की सुबह तक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बना हुआ है। निषेधाज्ञा लागू है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन का दावा है कि अफवाहें फैलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।


