Homeदेश-समाजगंगा नदी में नाव पर बैठकर मांस पकाने वाले हस्सान और आसिफ गिरफ्तार: Video...

गंगा नदी में नाव पर बैठकर मांस पकाने वाले हस्सान और आसिफ गिरफ्तार: Video वायरल होने के बाद प्रयागराज में कार्रवाई, 8 पर हुआ था केस दर्ज

इस मामले में प्रयागराज पुलिस ने आईपीसी की धारा 153ए, 295 के तहत दर्ज किया था। अब इसी मामले में पड़ताल के बाद हस्सान अहमद (30 वर्ष), मोहम्मद आसिफ (25 वर्ष) की गिरफ्तारी हुई।

प्रयागराज के संगम में गंगा किनारे से एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अब 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रयागराज पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपितों की पहचान हस्सान अहमद और मोहम्मद आसिफ के तौर पर हुई है।

पुलिस ने बताया कि बीते दिनों गंगा नदी के पास मांस व हुक्का का सेवन कर रहे कुछ लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद प्रयागराज पुलिस ने आईपीसी की धारा 153ए, 295 के तहत थाना दारागंज में केस दर्ज किया था। अब इसी मामले में पड़ताल के बाद हस्सान अहमद (30 वर्ष), मोहम्मद आसिफ (25 वर्ष) की गिरफ्तारी हुई।

इससे पहले खबर आई थी कि गंगा किनारे मांस पकाने और हुक्का फूँकने की वीडियो देख पुलिस ने हस्सान, फैजान समेत 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी। इनमें से 3 की गिरफ्तारी की बात भी सामने आई थी। हालाँकि तब नाम का नहीं पता चला था। पुलिस उनसे अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही थी।

नाव में बैठ गंगा के पास बनाया गया वीडियो

उल्लेखनीय है कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई और जिसे देख यह कार्रवाई की गई वो प्रयागराज के दारागंज थाना क्षेत्र की थी। वीडियो को हिंदू समाज के आस्था केंद्र नागवासुकी मंदिर के पास बनाया गया था। वीडियो में नजर आ रही नाव में 8 लोग थे। उसके आसपास कई और नौकाएँ भी थीं। सबमें श्रद्धालु सवार थे। इन्हीं के बीच हस्सान वाली नाव पर मांस पकाया गया।

वीडियो देख ऐसा अंदाजा लगाया गया कि आरोपितों ने खुद ही वीडियो को बनाकर इसे वायरल किया है। प्रयागराज के SSP शैलेश पांडेय ने 31 अगस्त 2022 को वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान के निर्देश दिए थे। जाँच के बाद 1 सितंबर को कुल 8 आरोपितों को नामजद किया गया। पुलिस जब तलाश में जुटी तो ये लोग फरार थे। पुलिस ने लगातार छापेमारी करके इनमें से 2 को गिरफ्तार कर लिया। अब इनसे आगे पूछताछ होगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -