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थाना घेरा, अल्लाहु अकबर के नारे, देवी-देवताओं पर गंदी बातें… शाहजहाँपुर में पैगंबर मुहम्मद-कुरान पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगा मुस्लिम भीड़ का हंगामा

एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद और कुरान को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी कर दी, जिसके बाद इस्लामी भीड़ ने थाने का घेराव कर अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाए। उग्र भीड़ को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आरोपित की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में शुक्रवार (12 सितंबर 2025) की शाम कथित तौर पर एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने पैगंबर मुहम्मद और कुरान पर कुछ अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने थाने को घेर लिया। भीड़ थाने के बाहर ‘आरोपित सौंप दो’ और अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाने लगी, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

हालाँकि, पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इसके बावजूद हंगामा तीन घंटे तक चलता रहा। कुछ असामाजिक तत्वों ने भीड़ का फायदा उठाकर माहौल को और भी बिगाड़ने की कोशिश की। जब समझाने की कोशिशें नाकाम हो गईं और भीड़ ने अपना उपद्रव जारी रखा, तो पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा।

बवाल का कारण

शुक्रवार (12 सितंबर 2025) शाम करीब साढ़े छह बजे केके दीक्षित नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मुहम्मद और कुरान के खिलाफ अभद्र टिप्पणी कर दी। यह टिप्पणी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी गई थी, जिसमें आरोपित ने गालियाँ दी थीं। इस पोस्ट के बाद मुस्लिम समाज का गुस्सा फूटा और बदला लेने के लिए कुछ मुस्लिम युवकों ने भी देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।

इस पर स्थानीय ईदगाह कमेटी के सदस्य कासिम रजा ने मामले की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद लोगों में गुस्सा था और स्थिति ज्यादा बिगड़ी, जब कुछ असमाजिक तत्व भीड़ में घुसकर माहौल को और खराब करने लगे। थाने के बाहर ‘आरोपित को सौंप दो-सौंप दो’ के नारे लगने लगे। इतने में भीड़ और उग्र हो गई और आरोपित को पकड़ने के लिए थाने के अंदर घुसने लगी।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बावजूद इसके, स्थिति शांत नहीं हुई और भीड़ ने थाना घेर लिया। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए पहले समझाने की कोशिश की और मुस्लिम समाज के मौलानाओं को बुलाकर माहौल नियंत्रण करने को कहा, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। तीन घंटे के बाद स्थिति शांत हुई।

घटना के बाद जिला प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने इस मुद्दे को सख्ती से लिया है और आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा कि माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले कुछ असमाजिक तत्वों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।

वहीं, एसपी राजेश द्विवेदी ने भी कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और स्थिति को काबू में किया है। साथ ही, उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

फ्लैग मार्च और स्थिति नियंत्रण

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए 7 थानों की पुलिस बल और क्यूआरटी के साथ डीएम-एसपी ने फ्लैग मार्च किया। इसके बाद पुलिस ने रोड पर बैठे कुछ लोगों को समझाने की कोशिश की। डीएम ने यह भी साफ किया कि पत्थरबाजी की कोई सूचना नहीं मिली है और पुलिस पूरी तरह से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

यह घटना शाहजहाँपुर में तनाव का कारण बनी, लेकिन प्रशासन और पुलिस की तत्परता से स्थिति को काबू में किया गया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की गुजारिश की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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