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बाढ़-भूस्खलन से उत्तराखंड में 46 और केरल में 37 लोगों की मौत CM धामी ने कहा- स्थिति गंभीर, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की सहायता

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊँ का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कुमाऊँ राज्य के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में 'भारी क्षति' हुई है।

भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड और केरल में स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कम-से-कम 11 लोग लापता और सैकड़ों लोग पलायन के लिए मजबूर हुए हैं। वहीं, केरल में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। बाढ़ और भूस्खलन से अकेले दक्षिण केरल में 27 लोगों की मौत हुई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊँ का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कुमाऊँ राज्य के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में ‘भारी क्षति’ हुई है और सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों के लिए प्रत्येक जिलाधिकारी को 10-10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके पहले धामी ने मृतकों को परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी।

उत्तराखंड के गोमुख ट्रेक में फँसे करीब 25 से 30 ट्रेकर्स को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने सोमवार को देर रात बचाया था। वहीं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 300 से अधिक लोगों को बचाया है। एनडीआरएफ ने राज्य में 15 टीमों को तैनात किया है। उधमसिंह नगर में छह टीमें, उत्तरकाशी, चमोली में दो-दो टीमें और देहरादून, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक-एक टीम तैनात हैं।

वहीं, केरल सरकार ने राज्य के पूर्वी पहाड़ियों में भूस्खलन के आशंका के चलते इलाके के लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने नदी घाटियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा वर्षा की संभावना पर रेड अलर्ट, 6 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना पर ऑरेंज अलर्ट और 6 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना पर येलो अलर्ट जारी किया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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