Homeदेश-समाजअहमदनगर और कोल्हापुर के बाद अब हिंसा की आग में जला जलगाँव: मंदिर में...

अहमदनगर और कोल्हापुर के बाद अब हिंसा की आग में जला जलगाँव: मंदिर में तोड़फोड़ और पुलिस पर पत्थरबाजी, कर्फ्यू लगा

उपद्रवियों को शांत कराने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान 4 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। उधर हिंसक झड़प के बाद एक गुट ने मंदिर में तोड़फोड़ कर दी।

महाराष्ट्र के अहमदनगर और कोल्हापुर के बाद अब जलगांव जिला हिंसा की आग में जल रहा है। यहाँ के अलमनेर कस्बे में बच्चों के खिलौने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद दो गुटों में हिंसक झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख प्रशासन को धारा 144 लगानी पड़ी है। वहीं, इलाके के मंदिर और दुकानों में भी तोड़फोड़ की खबर है। इस मामले में पुलिस ने 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए 60 लोगों को हिरासत में लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार (9 जून, 2023) की रात करीब 10 बजे बच्चों के खिलौने को लेकर तीखी नोंक-झोंक के बाद मामला हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों की ओर एक दूसरे पर जमकर पथराव किया गया। मामले की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची पुलिस ने जब दोनों गुटों को शांत होने के लिए कहा तो उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया।

इसके बाद उपद्रवियों को शांत कराने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान 4 पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। उधर हिंसक झड़प के बाद एक गुट ने मंदिर में तोड़फोड़ कर दी। इससे दूसरा पक्ष भड़क गया और एक बार दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी हुई। 

फिलहाल हालात देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 10 जून से लेकर 12 जून तक तक कर्फ्यू लगाया दिया है। जरूरत पड़ने पर कर्फ्यू बढ़ने की भी संभावना है। जलगांव पुलिस अधीक्षक एम राजकुमार ने लोगों से अफवाह फैलाने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। 

पुलिस अधीक्षक ने कहा है, “मामूली बात को लेकर 2 गुटों में झगड़ा हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर गई। हम लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील करते हैं।” वहीं, SDM कैलास कडलग ने लोगों से कर्फ्यू के दौरान अपने घरों में रहने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने अब 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 353 (सरकारी काम में बाधा का प्रयास), 143 (गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होना), 148 (दंगे) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा कुल 100 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की बात कही जा रही है। वहीं, पुलिस ने अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 60 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि गत सप्ताह औरंगजेब और टीपू सुल्तान की फोटो सोशल मीडिया में पोस्ट करने को लेकर कोल्हापुर में हिंसा भड़क गई थी। दोनों पक्षों को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन को यहाँ भी धारा 144 लगाना पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, अहमद नगर में छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान पत्थरबाजी हुई थी। इसके बाद यहाँ हिंसा भड़क गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में 33000+ माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति, योगी सरकार ने मिशन मोड में की भर्तियाँ: योग्यता को मिला सम्मान, जानें कैसे लाखों छात्रों का...

योगी आदित्यनाथ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए वर्षों से चले आ रहे भर्ती संकट को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

जिस हिंदू की हत्या हुई, अपराधी भी वही: वाह रे सपाइयों तुम्हारें आगे तो गिरगिट भी शरमा जाए, असद के खिलाफ बोलने में जबान...

गाजियाबाद के सूर्यप्रताप हत्याकांड को सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने प्रेम-प्रसंग के नैरेटिव से जोड़ा, साथ ही उसने पुलिस एनकाउंटर पर भी सवाल दिए।
- विज्ञापन -