Saturday, July 20, 2024
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कौन हैं ‘बिहार का पुनरुद्धार’ करने निकले IPS विकास वैभव, क्यों उनके जन संवाद में जुटी भीड़ से मची है खलबली

उन्होंने कहा कि आप चाहते हैं सरकारी नौकरी करें, बिल्कुल करें, मगर सरकारी नौकरी में भ्रष्टाचार करेंगे तो क्या बिहार बदलेगा? बिल्कुल नहीं बदलेगा। इसके लिए जरूरी है कि हम ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

IPS विकास वैभव के आह्वान पर बेगूसराय में 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुटी। उनके इस जन संवाद कार्यक्रम की काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने बिहार में सामाजिक चेतना जागृत करने के लिए बड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत सैकड़ों कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है। इसी के तहत बेगुसराय के GD कॉलेज में ‘नमस्ते बिहार’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसको संबोधित करते हुए आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने कहा कि जब सोच बड़ी होती है तो आदमी महान हो जाता है। बिहार में 9 करोड़ के आसपास युवा हैं, जिनकी उम्र 30 वर्ष से कम है। भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो बिहार को विकसित प्रदेश बनाना ही होगा।

आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने सामाजिक अभियान को आगे बढ़ाने के लिए ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ एनजीओ की स्थापना की है। इसका लक्ष्य है बिहार को विकसित बनाना। ‘नमस्ते बिहार’ कार्यक्रम को संबोधित उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि लोग हमेशा जाति के संघर्ष में उलझे रहे। हमें इससे निकलना होगा। उन्होंने कहा कि आप चाहते हैं सरकारी नौकरी करें, बिल्कुल करें, मगर सरकारी नौकरी में भ्रष्टाचार करेंगे तो क्या बिहार बदलेगा? बिल्कुल नहीं बदलेगा। इसके लिए जरूरी है कि हम ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस कार्यक्रम में 50 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है।

आईपीएस विकास वैभव ने कहा कि बिहार को अगर विकसित राज्य बनाना है तो हमें सबसे पहले उद्योग की ओर बढ़ना होगा। हर व्यक्ति को कारोबार की ओर बढ़ना होगा। इस कार्यक्रम में देश भर से बिहार से जुड़े लोग शामिल हुए। अब इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हो रही है।

वरिष्ठ पत्रकार विकास भदौरिया ने एक्स पर लिखा, “आईपीएस विकास वैभव ने Let’s Inspire Bihar नाम का अभियान शुरू किया है, इस अभियान की एक बड़ी रैली बेगूसराय में हुई। इस भीड़ ने इसलिए ध्यान खींचा क्यों कि ये राजनीतिक या धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, इस अभियान से जुड़े हज़ारों सदस्य अब तक देश-विदेशों में कई कार्यक्रमों कर चुके हैं, आज जब ये लोग जुटे तो गरज एक थी कि जाति-संप्रदाय, लघुवादों से ऊपर उठकर, मिलकर बिहार के उज्ज्वलतम और स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करें। और तो और लक्ष्य भी निर्धारित है ऐसा बिहार 2047 पुनर्स्थापित करे, जहाँ ना पलायन हो ना शिक्षा अथवा रोजगार की कमी, वैसे ऐसे आंदोलन गतिशील भारतीय की प्राणवायु हैं और ये प्रसारित होते रहना ज़रूरी भी है।”

खास बात ये है कि हजारों लोगों के इस महाजुटान के पीछे कोई राजनीतिक ताकत नहीं थी। न ही किसी तरह का लोगों को फायदा होने वाला था, फिर भी इतना बड़ा जुटान हो गया, तो लोगों में चर्चा भी होनी स्वाभाविक है। खास बात ये है कि आईपीएस विकास वैभव के साथ ही लोग भी “मैं करूंगा अपने पूर्वजों की भूमि का पुनरुद्धार, मैं बदलूँगा बिहार।” संकल्प ले रहे थे।

क्या है ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’?

‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ एक एनजीओ है, जो सामाजिक चेतना और जन जागरण अभियान चलाती है। इसकी स्थापना आईपीएस विकास वैभव ने ही की है। इस एनजीओ से जुड़े लोगों का लक्ष्य है विकसित और बेहतर बिहार राज्य का निर्माण, जिसमें हजारों लोग जुड़े हैं। इस एनजीओ के माध्यम से बिहार से बाहर रह रहे बिहार के लोग भी जुड़े हैं और तमाम तरह के सहयोग दे रहे हैं। आईपीएस विकास वैभव का मानना है कि बिहार को पुनर्विकसित करने के लिए राजनीतिक से ज्यादा सामाजिक परिवर्तन की जरूरत है। वो इसी परिवर्तन की अलख जगाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं।

राजनीति को लेकर क्या है आईपीएस विकास वैभव का विजन?

आईपीएस अधिकारी के तौर पर बिहार में तैनात विकास वैभव ने खुद के कभी राजनीति में शामिल होने की बात सार्वजनिक तौर पर तो नहीं कही है, लेकिन वो हमेशा इस बात को कहते हैं कि राजनीति में सही लोगों को आना ही होगा। अगर ईमानदार लोग राजनीति में आएंगे, तो समाज में परिवर्तन भी तेजी से आएगा।

आईपीएस विकास वैभव का कहना है कि अच्छे, नि:स्वार्थ और ईमानदार लोगों को राजनीति में आना चाहिए। इस बीच उनके बारे में लोग अंदाजा लगाने लगे हैं कि कहीं वो राजनीति में तो एंट्री नहीं करना चाहते हैं। हालाँकि मीडिया से बातचीत में विकास वैभव ने कहा है कि अभी लेट्स इंस्पायर के माध्यम से वो बिहार के पुनर्निर्माण में जुटे हैं। मैं लोगों को जागरुक करने में जुटा हूँ। मैं हर शनिवार और रविवार को परिवार के साथ रहने की जगह पूरे बिहार के साथ रहने की कोशिश करता हूँ, ताकि बिहार में सामाजिक परिवर्तन ला सकूँ। उन्होंने कहा कि वो बेगुसराय तक ही नहीं रुकेंगे, बल्कि आगामी 20 दिसंबर को आरा में इसी तरह के बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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