Homeदेश-समाजहल्द्वानी में पैसे और जमीन का लालच दे महिला पर डाला ईसाई बनने का...

हल्द्वानी में पैसे और जमीन का लालच दे महिला पर डाला ईसाई बनने का दबाव, गाजियाबाद से लापता 12वीं की छात्रा के धर्मांतरण का भी अंदेशा

हिन्दुओं का आरोप इलाके में आए दिन ईसाई मिशनरी आते हैं और लोगों को धर्मांतरण के बदले जमीन, पैसे और सुखी जीवन का लालच देते रहते हैं।

उत्तराखंड (Uttarakhand) के कुमायूँ जिले के हल्द्वानी में एक महिला के धर्मांतरण (Religious Conversion) का मामला सामने आने के बाद आक्रोशित भीड़ राजपुरा पुलिस चौकी जा पहुँची। वहाँ लोगों एक युवक को पीट दिया। दूसरी घटना उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गाजियाबाद की है, जहाँ 12 कक्षा की एक छात्रा लापता हो गई। अब उसकी माँ ने अपनी बेटी के धर्मान्तरण की आशंका जताई है।

हल्द्वानी मामला

घटना हल्द्वानी के राजपुरा पुलिस चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। मंगलवार (15 जून) को राजपुरा के गौला किनारे रहने वाले हिन्दू समुदाय के लोग पुलिस थाने पहुँचे। इनका आरोप था कि एक दिन पहले, यानी की सोमवार को ईसाई मिशनरियों का एक समूह इलाके में आया था। उन लोगों ने इलाके की हिन्दू आबादी को बरगलाया और एक हिन्दू महिला पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया।

हिन्दुओं का आरोप इलाके में आए दिन ईसाई मिशनरी आते हैं और लोगों को धर्मांतरण के बदले जमीन, पैसे और सुखी जीवन का लालच देते रहते हैं। ऐसे में हिन्दू संगठनों ने इन आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की। आरोप है हिन्दू लोगों ने एक शख्स को भी पीट दिया। इसके बाद पुलिस पुलिस अधिकारी ने महिला की शिकायत पर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

माँ को सताया धर्मान्तरण का डर

गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र की रहने वाली 12वीं की छात्रा बीते 25 मई को अपने घर से लापता हो गई थी। उसकी माँ की शिकायत पर पुलिस लड़की की तलाश कर रही है। इस बीच उसकी माँ ने बेटी को बहला-फुसलाकर उसके धर्मान्तरण की आशंका जताई है। पीड़िता की माँ का दावा है कि उनकी बेटी घर में दूसरे धर्म के तौर तरीकों को मानने लगी थी। जब उससे इसका कारण पूछा तो उसने कुछ नहीं बताया।

वहीं पुलिस को मामले की जाँच के दौरान पता चला है कि छात्रा बालिग है और बीते कुछ समय पहले अपनी एक दोस्त के जरिए दिल्ली के युवक से मिली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -