Homeदेश-समाजमहिला कैदियों को हर महीने मिलेगा हेयर रिमूवर क्रीम, सप्ताह में एक बार शैंपू:...

महिला कैदियों को हर महीने मिलेगा हेयर रिमूवर क्रीम, सप्ताह में एक बार शैंपू: मध्य प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों की सुविधाओं में वृद्धि, खाने के साथ अब ले सकेंगे सलाद का मजा

बताते चलें कि 36,000 कैदियों की कुल क्षमता वाले मध्य प्रदेश की जेलों में फिलहाल 43,000 कैदी बंद हैं। इनमें महिलाओं की संख्या लगभग 1,900 है। नए नियमों के अनुसार जेलों में सुरक्षा आदि के लिए तकनीकी सिस्टम को और बेहतर और प्रशासनिक कामों को डिजिटल बनाया जाएगा। जेलों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को कैदियों से अच्छे व्यवहार की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।

मध्य प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद महिला कैदियों को नए साल से मिलने वाली सुविधाओं में बढ़ोतरी होने जा रही है। बुधवार (1 जनवरी 2025) से उन्हें हर माह हेयर रिमूवल क्रीम और सप्ताह में एक बार शैम्पू दिया जाएगा। इस बदलाव के पीछे की मंशा साफ़-सफाई को बढ़ावा देने की है। इसके अलावा सभी कैदियों को खाने में सलाद भी मिलेगा। उनके चाय, दूध, तेल और दाल की मात्रा भी बढ़ाई जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के जेल मैन्युअल में कई बदलाव किए गए हैं। ये परिवर्तन एमपी करेक्शनल सर्विसेज एंड प्रिज़न्स एक्ट 2024 के तहत हुए हैं। नियमों में यह बदलाव 2024 की गाँधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को होना था। तब कुछ जरूरी चीजें छूट गई थीं। साफ़-सफाई और सेहत के अलावा कोशिश इस बात की भी जारी है कि जेलों में कैदियों की भीड़ को कम किया जाए।

बताते चलें कि 36,000 कैदियों की कुल क्षमता वाले मध्य प्रदेश की जेलों में फिलहाल 43,000 कैदी बंद हैं। इनमें महिलाओं की संख्या लगभग 1,900 है। नए नियमों के अनुसार जेलों में सुरक्षा आदि के लिए तकनीकी सिस्टम को और बेहतर और प्रशासनिक कामों को डिजिटल बनाया जाएगा। जेलों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को कैदियों से अच्छे व्यवहार की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।

सभी सेन्ट्रल व जिला जेलों के साथ ‘करेक्शनल इंस्टीट्यूशन’ शब्द भी जोड़ा जाएगा, जिसे हिंदी में ‘सुधार स्थल’ कहा जाता है। जेलरों को समय-समय पर जेल की तलाशी और छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। हाईरिस्क वाले कैदियों के पास एडवांस जैमर लगेंगे। वहीं, कैदियों की इलाज के लिए अस्पतालों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -