Thursday, April 22, 2021
Home विचार सामाजिक मुद्दे अगर आपने तबरेज का नाम सुना है और रंजीत का नहीं तो जान लीजिए...

अगर आपने तबरेज का नाम सुना है और रंजीत का नहीं तो जान लीजिए ‘उनका’ एजेंडा कामयाब रहा

रंजीत पांडेय की मॉब लिंचिंग को लेकर सवाल नहीं पूछे जाएँगे, क्योंकि आरोपितों में अनवर शामिल है। गिरोह विशेष का नैरेटिव यह कहता है कि अनवर नाम सिर्फ़ और सिर्फ़ पीड़ित हो सकता है, आरोपित नहीं।

मॉब लिंचिंग भी आजकल 2 तरह की हो गई है- ‘अच्छी’ लिंचिंग और ‘बुरी’ लिंचिंग। ‘अच्छी’ लिंचिंग वह है, जिसमें आरोपित हिन्दू हों और मृत व्यक्ति मुस्लिम। ‘बुरी’ लिंचिंग वह है, जिसमें इसका उल्टा हो। ‘अच्छी’ मॉब लिंचिंग पर हंगामा खड़ा किया जाता है, सरकार पर सवाल उठाए जाते हैं और ‘डर का माहौल’ साबित करने की कोशिश की जाती है। वहीं ‘बुरी’ मॉब लिंचिंग की ख़बर किसी कोने में पड़ी होती है, जिसे लेकर कोई आउटरेज नहीं होता।

मुंबई में एक ड्राइवर को सिर्फ़ इसीलिए मार डाला गया, क्योंकि साज़िश के तहत अफवाह फैलाया गया कि वह चोर है। यह साज़िश एक दूसरे बस के ड्राइवर ने की। इस मामले में अनवर, उसका भाई मिंटू सहित 4 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं। यह घटना महाराष्ट्र के पालघर स्थित बोइसर की है। वहाँ एक बस ड्राइवर ने दूसरे ड्राइवर को लेकर हंगामा किया कि वह चोर है और उसके बस की बैटरी चुरा रहा था। इसके बाद कुछ लोगों ने उसे मार डाला।

मृतक का नाम रंजीत पांडेय है। रंजीत को जब मारा-पीटा जा रहा था तब वह काफ़ी मिन्नतें करता रहा, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। उसे 20 मिनट तक मारा-पीटा जाता रहा। उसके पेट और छाती पर लात-घूसों की बरसात कर दी गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, लेकिन मरने से पहले उसने घटना को लेकर अपने परिवार वालों को सब कुछ बताया। आपने किसी मानवाधिकार संगठन, विपक्षी नेता, कथित एक्टिविस्ट या फिर मीडिया के लोगों से कहीं भी रंजीत का नाम सुना क्या? आपने नहीं सुना।

आपने इसीलिए रंजीत का नाम नहीं सुना, क्योंकि उसकी मॉब लिंचिंग को लेकर किसी ने आवाज़ ही नहीं उठाई। क्यों नहीं उठाई? क्योंकि आरोपितों में मुस्लिम शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपितों में से 2 के नाम अनवर और मिंटू है, जो भाई हैं। अगर इस पर आउटरेज किया जाएगा तो लोगों को यह भी बताना पड़ेगा कि आरोपितों में अनवर और उसका भाई है। अब यही मामला बिगड़ जाएगा। फिर ‘डर का माहौल’ वाला वातावरण कैसे साबित किया जाएगा?

‘डर का माहौल’ तो हिन्दुओं द्वारा किसी मुस्लिम की ‘मॉब लिंचिंग’ के बाद बनता है न? यही कारण है कि आपने रंजीत का नाम नहीं सुना है, लेकिब तबरेज का नाम सुना है। चोरी करने के आरोप में झारखण्ड में भीड़ ने
तबरेज को मारा था जिसके कारण कथित तौर पर उसकी मौत हो गई। तबरेज का बदला लेने के लिए कई शहरों में हंगामे हुए। झारखण्ड के सरायकेला में ओवैसी की पार्टी के कुछ नेता पहुँचे और उन्होंने खुलेआम गुंडागर्दी की। महिलाओं के साथ बलात्कार करने की धमकियाँ दी गईं। गाँव में दहशत का माहौल बनाया गया और पुरुष घर छोड़ कर पलायन करने को मजबूर हुए।

इसी तरह दंगा भड़काने की साज़िश के तहत कुछ लोगों ने टिक-टॉक वीडियो बना कर कहा कि तबरेज को मारे जाने के बाद अगर उसका बेटा आतंकवादी बन जाता है तो फिर किसी को ये पूछने का हक़ नहीं होगा कि मुस्लिम आतंकवादी क्यों बनते? अभिनेता एजाज़ ख़ान ने भी आरोपितों का साथ दिया। लेकिन, कहीं भी सोशल मीडिया पर आपने रंजीत पांडेय को लेकर कोई वीडियो देखा क्या, जिसमें उनकी हत्या को लेकर सवाल पूछे गए हों? नहीं। तबरेज के नाम में ऐसा क्या था जो रंजीत के नाम में नहीं है?

इसी तरह राँची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू फल मंडी के पीछे शेखर राम और बसंत राम को चार स्थानीय लोगों ने पकड़ा और उन्हें मज़हबी नारे लगाने को मजबूर किया। धार्मिक नारे न लगाने पर उन दोनों को चाकू मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक की गर्दन पर चाकू मारा तो दूसरे के हाथ को लहुलूहान कर दिया। ये घटना भी तबरेज की मॉब लिंचिंग का बदला लेने के लिए हुई। जब तबरेज की मॉब लिंचिंग बड़ी ख़बर बनी तो उसका बदला लेने के लिए जो वारदातें हुईं, वो ख़बर क्यों नहीं बनीं?

झारखण्ड में भीड़ द्वारा तबरेज अंसारी की हत्या के विरोध में मालेगाँव में 1 लाख मुस्लिम सड़कों पर उतरे। ये सभी मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ कड़े क़ानून बनाने की माँग लेकर सड़कों पर उतरे थे। रैली के आयोजकों ने कहा था कि तबरेज का मारा जाना ‘फाइनल ट्रिगर’ है और अब विरोध का समय आ गया है। जहाँ तबरेज की हत्या के बाद सिर्फ़ एक क्षेत्र में 1 लाख लोग सड़कों पर उतरे, रंजीत पांडेय की लिंचिंग के ख़िलाफ़ कितनों ने धरना दिया? क्या सिर्फ़ उसी मॉब लिंचिंग के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें आरोपित हिन्दू हों?

तबरेज को शहीद का दर्जा तक देने की भी माँग की गई। मेरठ में भीड़ द्वारा मज़हबी टिप्पणियाँ की गईं और उन्मादी नारे लगाए गए। बदमाशों ने इंस्पेक्टर तक को नहीं छोड़ा। इंस्पेक्टर को सरेआम गिरेबान पकड़ कर धमकाया गया। इंस्पेक्टर का गला पकड़े जाने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा

लेकिन, रंजीत पांडेय की मॉब लिंचिंग को लेकर सवाल नहीं पूछे जाएँगे, क्योंकि आरोपितों में अनवर शामिल है। गिरोह विशेष का नैरेटिव यह कहता है कि अनवर नाम सिर्फ़ और सिर्फ़ पीड़ित हो सकता है, आरोपित नहीं। आरोपित तो वो होता है जिसके नाना के फूफा के नाती के साढ़ू का पोता बजरंग दल के किसी कार्यकर्ता के मौसेरा भाई के साले का भांजा हो। उनका नैरेटिव यह भी कहता है कि अनवर सिर्फ़ और सिर्फ़ ‘बेचारा’ हो सकता है। अगर वह आरोपित है तो उस ख़बर को किसी कोने में पटक दो।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मतुआ समुदाय, चिकेन्स नेक और बांग्लादेश से लगे इलाके: छठे चरण में कौन से फैक्टर करेंगे काम, BJP से लोगों को हैं उम्मीदें

पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।

अंबानी-अडानी के बाद अब अदार पूनावाला के पीछे पड़े राहुल गाँधी, कहा-‘आपदा में मोदी ने दिया अपने मित्रों को अवसर’

राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।

‘सरकार ने संकट में भी किया ऑक्सीजन निर्यात’- NDTV समेत मीडिया गिरोह ने फैलाई फेक न्यूज: पोल खुलने पर किया डिलीट

हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रांतिपूर्ण बताया क्योंकि इन रिपोर्ट्स में जिस ऑक्सीजन की बात की गई है वह औद्योगिक ऑक्सीजन है जो कि मेडिकल ऑक्सीजन से कहीं अलग होती है।

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,787FansLike
82,850FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe