तबरेज का बदला! ओवैसी की पार्टी के नेता गाँव में दे रहे रेप की धमकी, मंदिर को किया क्षतिग्रस्त, 34 महिलाओं की FIR

जिस गाँव में तबरेज की मॉब लिंचिंग हुई, वहाँ की 34 महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 25-26 जून की रात को AIMIM के लोगों ने आकर उनके घरों में घुसकर रेप, लूट और जान से मारने की धमकी दी।

एआईएमआईएम के कुछ लोगों द्वारा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का मामला सामने आया है। बता दें कि एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी है। मामला झारखण्ड के सरायकेला का है। यहाँ ओवैसी की पार्टी के नेताओं ने महिलाओं के साथ गाली-गलौज किया और फिर रेप करने की धमकी तक की। एआईएमआईएम के नेताओं ने लूटमार की भी कोशिश की। बता दें कि सरायकेला में ही तबरेज अंसारी नामक व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई थी। गाँव की 34 महिलाओं ने थाने में आवेदन देकर शिकायत की है कि ओवैसी की पार्टी के लोगों ने उनके साथ गुंडागर्दी की। यह घटना सोमवार (जून 24, 2019) की है।

चारपहिया वाहनों से पहुँचे आरोपितों ने महिलाओं से लूटपाट की, रेप और बम से उड़ा देने की धमकी भी दी। वे लोग जिस वाहन से गाँव में पहुँचे थे, उस पर भी ओवैसी की पार्टी का बोर्ड लगा हुआ था। हमले के दौरान उन्होंने मंदिर के ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पूरी घटना के दौरान वो लोग आफताब अहमद सिद्दीकी जिंदाबाद, असदुद्दीन ओवैसी जिंदाबाद के नारे भी लगाते रहे। महिलाओं ने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी इस गुंडागर्दी से गाँव में दहशत का माहौल है और पुरुष घरों को छोड़ कर पलायन कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते 17 जून को हुई घटना के बाद ऐसे लोगों की गुंडागर्दी काफ़ी बढ़ गई है। क्षेत्र के बुद्धिजीवी भी इन पर लगाम लगाने की माँग कर रहे हैं। गाँव में पुरुषों की हालत यह है कि उन्हें छिप कर रहना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ बातें फैलाई जा रही हैं और भीड़ द्वारा हत्या वाली वीडियो को एडिट कर-कर के शेयर किया जा रहा है। ओवैसी की पार्टी के नेताओं द्वारा बलात्कार की धमकी देना इसी क्रम में हुई एक घटना है। इसके अलावा लोगों में पुलिस की धर-पकड़ का भी ख़ौफ़ है।

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स्थानीय भाजपा नेताओं ने कहा है कि दोनों पक्षों को भड़काया जा रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्दोषों पर कार्रवाई की जा रही है और दोषियों को नहीं पकड़ा जा रहा है। गाँव के लोगों की माँग है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को कुछ दिनों तक गाँव में प्रवेश करने की अनुमति न दी जाए। वहीं कॉन्ग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कहा कि भीड़ द्वारा हत्या की वारदातें भाजपा सरकार की देखरेख में ही हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण के कारण ऐसी घटनाएँ दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही हैं।

न्यूज़ 18 की ख़बर के अनुसार, ओवैसी की पार्टी के नेता कुल 30 गाड़ियों से आए थे, ताकि गाँव में दहशत फैलाई जा सके। बता दें कि तबरेज आलम की चोरी के शक में हत्या कर दी गई थी, उसके बाद से ही माहौल यहाँ गर्म है। ग्राम प्रधान का कहना है कि तबरेज के साथ कई अन्य चोर भी आए थे, जो भाग गए लेकिन तबरेज धर लिया गया। असदुद्दीन ओवैसी इस मामले पर संसद से लेकर मीडिया तक में आवाज़ उठा चुके हैं और मीडिया के एक वर्ग द्वारा इस घटना को हेट क्राइम करार दिया गया है।

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संदिग्ध हत्यारे
संदिग्ध हत्यारे कानपुर से सड़क के रास्ते लखनऊ पहुंचे थे। कानपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी से इसकी पुष्टि हुई है। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बरेली में रात बिताई थी। हत्या के दौरान मोइनुद्दीन के दाहिने हाथ में चोट लगी थी और उसने बरेली में उपचार कराया था।

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