AAP की लड़ाई WhatsApp से Twitter पर आई, अलका ने माँगा केजरीवाल का इस्तीफा

विधायक अलका लांबा ने आरोप लगाया है कि ओडिशा के सीएम को जीत की बधाई देने की वजह से उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया। जिसके बाद से अलका लगातार ट्वीट करके आप को निशाने पर ले रही हैं और साथ ही नसीहतें भी दे रही है और अब तो उन्होंने सीएम केजरीवाल का इस्तीफा ही माँग लिया।

आम आदमी पार्टी के व्हाट्सएप ग्रुप से निकाले जाने के बाद से अलका लांबा ट्विटर पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी हैं। चाँदनी चौक से आप विधायक ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर हमला बोला। अलका लांबा ने एक ट्वीट करते हुए लिखा कि वो भले ही पार्टी के भीतर नहीं हैं, लेकिन एक शुभचिंतक के तौर पर वो बाहर से पार्टी की भलाई के लिए सुझाव देती रहेंगी। उसे मानना या ना मानना उनकी मर्जी होगी। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में चुनाव जीतना है, तो अरविंद जी को दिल्ली पर फोकस करना चाहिए और संविधान के मुताबिक पार्टी के संयोजक का पद संजय सिंह जी को सौंप देना चाहिए, क्योंकि उनके पास संगठन का अनुभव भी है। इसके साथ ही अलका ने सवाल भी उठाया कि क्या चुनाव में पार्टी की हार के लिए केजरीवाल को इस्तीफा नहीं देना चाहिए?

अलका लांबा ने कहा कि शनिवार (मई 25, 2019) को अरविंद केजरीवाल ने विधायकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक मैसेज किया कि हार के बाद अब सभी विधायकों को दिल्लीवालों के बीच जाकर माफी माँगनी चाहिए। लोगों से एक मौका देने की अपील करनी चाहिए। अलका का कहना कि इस दौरान उन्होंने पूछा कि इस चुनाव में उनसे गलती क्या हुई है, इस पर भी चर्चा हो जानी चाहिए, जिससे दोबारा से ऐसी कोई गलती न हो। जिसके बाद उन्हें ग्रुप से हटा दिया गया।

अलका यहीं पर नहीं रुकी, उन्होंने तो व्हाट्सएप ग्रुप कहा कि बात समस्याओं की नहीं, बल्कि सभाओं की हो रही है और साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और ग्रेटर कैलाश से विधायक सौरभ भारद्वाज को मोहरा और चमचा तक कह दिया।

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इसके साथ ही अलका ने एक और ट्वीट करते हुए लिखा, “2013 में आप के साथ शुरू हुआ मेरा सफ़र 2020 में समाप्त हो जायेगा। मेरी शुभकामनाएंँ पार्टी के समर्पित क्रांतिकारी जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा रहेंगी, आशा करती हूँ आप दिल्ली में एक मजबूत विकल्प बने रहेगें। आप के साथ पिछले 6 साल यादगार रहगें।आप से बहुत कुछ सीखने को मिला।”

गौरतलब है कि अलका लांबा को शनिवार (मई 25, 2019) को आम आदमी पार्टी के व्हाट्सऐप ग्रुप से निकाल दिया गया। इस ग्रुप में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के अलावा सीएम अरविंद केजरीवाल भी हैं। विधायक अलका लांबा ने आरोप लगाया है कि ओडिशा के सीएम को जीत की बधाई देने की वजह से उन्हें व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया। जिसके बाद से अलका लगातार ट्वीट करके आप को निशाने पर ले रही हैं और साथ ही नसीहतें भी दे रही है और अब तो उन्होंने सीएम केजरीवाल का इस्तीफा ही माँग लिया।

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