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वक्फ घोटाले में AAP विधायक अमानतुल्लाह खान को जमानत, भरना होगा ₹1 लाख का बॉन्ड: MLA ने कहा – ‘ये सच की जीत’

अमानतुल्लाह खान 17 सितम्बर से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस को आधार बना कर अमानतुल्लाह के वकीलों ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी।

दिल्ली ओखला से आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) को दिल्ली वक्फ बोर्ड करप्शन केस में जमानत मिल गई है। यह जमानत उन्हें एक लाख रुपए के निजी मुचलके पर दी गई है। इसी केस में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अमानतुल्लाह के तमाम ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। खान को यह जमानत 28 सितम्बर 2022 (बुधवार) को मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमानतुल्लाह को ये जमानत CBI कोर्ट ने दी है। यह निर्णय दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू जिला न्यायालय द्वारा सुनाया गया है। मामले की सुनवाई स्पेशल जज विकास ढुल ने की। एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से सरकारी वकील अतुल कुमार श्रीवास्तव और मनीष रावत ने बहस की। जमानत का विरोध करते हुए इन वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की जाँच के लिए 22 सदस्यीय बोर्ड का गठन हुआ है। वहीँ अमानतुल्लाह के वकील राहुल मेहरा ने एंटी करप्शन के आरोपों को झूठा बताते हुए जमानत की माँग की।

अमानतुल्लाह खान के ट्विटर हैंडल से कोर्ट के इस फैसले को सत्य की जीत बताया गया है।

अमानतुल्लाह खान 17 सितम्बर से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस को आधार बना कर अमानतुल्लाह के वकीलों ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी। एंटी करप्शन ब्यूरो का कहना है कि अमानतुल्लाह के ठिकानों की तलाशी के दौरान 24 लाख रुपए कैश के अलावा 2 अवैध हथियार भी बरामद हुए थे। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में छापेमारी के दौरान अमानतुल्लाह के समर्थकों द्वारा एंटी करप्शन टीम के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट भी की गई थी।

एक रिपोर्ट के अनुसार अमानतुल्ला खान पर यह भी आरोप है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड की सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध तौर पर 33 लोगों की नियुक्ति की थी। इसी के साथ उनके बैंक खतों में भी आर्थिक लेन-देन में गड़बड़ी का आरोप लगा था। कहा जा रहा है कि इन सभी के अतिरिक्त वक्‍फ की संपत्तियों में किरायेदारी के निर्माण और वाहन खरीद में भ्रष्टाचार का भी उन पर आरोप लगा है। फिलहाल ACB सभी मामलों की जाँच कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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