Saturday, July 13, 2024
Homeराजनीति'ये इश्क का मामला, उन्हें खुश देखना चाहती हूँ': अभिनेत्री ने बताया बार-बार विदेश...

‘ये इश्क का मामला, उन्हें खुश देखना चाहती हूँ’: अभिनेत्री ने बताया बार-बार विदेश क्यों जाते हैं राहुल गाँधी, कहा- इस साल 5 बार जा चुके

एके डॉलर नाम से arunkunal नाम के यूजर ने लिखा, "कम से कम #RahulGandhi के खुश होने से संयुक्त राष्ट्र की #WorldHappinessReport में कुछ तो वृद्धि होगी, क्योंकि वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में इंडिया 146 देशों में 136 वें स्थान पर था!"

बॉलीवुड एक्ट्रेस सिमी ग्रेवाल (Bollywood Actress Simi Garewal) ने कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) के विदेश दौरे को लेकर एक बार फिर टिप्पणी की है। ग्रेवाल ने कहा कि लगता है कि राहुल गाँधी को प्रेम (Love) हो गया है, इसलिए वह बार-बार विदेश जाते हैं। 

बॉलीवुड अभिनेत्री ने रविवार (23 जुलाई 2022) को इसको लेकर ट्वीट किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, “मैं यह सोचकर आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सकी कि राहुल गाँधी हर 6 सप्ताह में विदेश क्यों जाते हैं। वह इस साल पहले ही 5 ट्रिप कर चुके हैं। मुझे आशा है कि यह एक प्रेम का मामला है 💞.. वास्तव में मैं उन्हें खुश देखना चाहती हूँ ..।”

सिमी ग्रेवाल की इस टिप्पणी पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने कहा कि हो सकता है कि उन्हें यात्रा करना पसंद हो, इसलिए वे बार-बार विदेश जाते हैं। कुछ लोगों ने कहा कि हर किसी की व्यक्ति जिंदगी होती है, इसमें किसी को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। वहीं, कई यूजर ने सिमी ग्रेवाल पर ही सवाल उठाए दिए।

वहीं, wanderer_126 नाम के एक यूजर ने कहा, “लेकिन गुप्त प्रेम रुचि, पूरे आत्मविश्वास के साथ करना बेहतर है, भविष्य में विशेष रूप से राजनीति में हर छिपी हुई चीज अच्छी नहीं होती है।”

एके डॉलर नाम से arunkunal नाम के यूजर ने लिखा, “कम से कम #RahulGandhi के खुश होने से संयुक्त राष्ट्र की #WorldHappinessReport में कुछ तो वृद्धि होगी, क्योंकि वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में इंडिया 146 देशों में 136 वें स्थान पर था!”

बता दें कि इसे पहले जून 2022 में सिमी ग्रेवाल ने राहुल गाँधी की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी अपनी पार्टी के नेताओं से ही नहीं मिलते और हर महीने विदेश चले जाते हैं। उनकी प्राथमिकताएँ अलग हैं।

सिमी ने ट्विटर पर लिखा था, “राहुल गाँधी हर महीने विदेश चले जाते हैं। क्यों? वो भारत में लोगों से मिलने से इनकार कर देते हैं। क्यों? मैं कई लोगों को जानती हूँ जिन्होंने उनसे मिलने के लिए महीनों तक मिन्नतें कीं, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। क्या यह जीत की रणनीति है? फिर भी वे लोग उनसे अपनी उम्मीदें जोड़ रखी हैं।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

लैंड जिहाद की जिस ‘मासूमियत’ को देख आगे बढ़ जाते हैं हम, उससे रोज लड़ते हैं प्रीत सिंह सिरोही: दिल्ली को 2000+ मजार-मस्जिद जैसी...

प्रीत सिरोही का कहना है कि वह इन अवैध इमारतों को खाली करवाएँगे। इन खाली हुई जमीनों पर वह स्कूल और अस्पताल बनाने का प्रयास करेंगे।

‘आपातकाल तो उत्तर भारत का मुद्दा है, दक्षिण में तो इंदिरा गाँधी जीत गई थीं’: राजदीप सरदेसाई ने ‘संविधान की हत्या’ को ठहराया जायज

सरदेसाई ने कहा कि आपातकाल के काले दौर में पूरे देश पर अत्याचार करने के बाद भी कॉन्ग्रेस चुनावों में विजयी हुई, जिसका मतलब है कि लोग आगे बढ़ चुके हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -