Homeराजनीतिबोलो-बोलो, ऐ बोलिए, फोन लगाओ... बुजुर्ग ने खोल दी दावे की पोल तो भड़क...

बोलो-बोलो, ऐ बोलिए, फोन लगाओ… बुजुर्ग ने खोल दी दावे की पोल तो भड़क गए अखिलेश यादव, वीडियो में कैद हुआ नजारा

"जितने भी बिजली के कारखाने लगे। जितने भी बिजली के पॉवर प्लांट लगे। सब समाजवादी सरकार की देन है। दिल्ली की सरकार 10 साल और यूपी की 7 साल की सरकार ने एक भी पॉवर प्लांट लगाया हो तो मुझे बता दीजिए।"

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह उत्तर प्रदेश में लोगों को बिजली न मिलने की बात कहते नजर आ रहे हैं। इस पर एक बुजुर्ग व्यक्ति समेत कई अन्य लोगों ने कहा कि प्रदेश में पहले से कहीं अधिक बिजली मिलती है। इस पर अखिलेश भड़क गए।

दरअसल, अखिलेश यादव ‘आज तक’ से बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, “जितने भी बिजली के कारखाने लगे। जितने भी बिजली के पॉवर प्लांट लगे। सब समाजवादी सरकार की देन है। दिल्ली की सरकार 10 साल और यूपी की 7 साल की सरकार ने एक भी पॉवर प्लांट लगाया हो तो मुझे बता दीजिए। यूपी में बिजली नहीं है। कब आती है, कब जाती है किसी को नहीं पता।”

इसी दौरान कुछ लोगों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली पहले से ज्यादा रहती है, बहुत आ रही है। इनमें से एक बुजुर्ग व्यक्ति भी थे। इस पर अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग बोल रहे हैं उनमें सबसे अधिक पढ़ा-लिखा आदमी ये लग रहा है मुझे। बुजुर्ग व्यक्ति जब खड़े हुए तो अखिलेश ने कहा एक पॉवर प्लांट बताइए जो BJP ने लगाया हो। अखिलेश यहीं नहीं रुके। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्ति को कहा, “अरे बुजुर्ग, अरे बुजुर्ग भाई एक पॉवर प्लांट लगा हो तो बता दो मुझे। बोलो-बोलो-बोलो। ए बोलिए।”

अखिलेश यादव ने बुजुर्ग व्यक्ति की उम्र का लिहाज किए बिना आगे कहा, “अब क्या दाएँ-बाएँ देख रहे हो इधर-उधर। मिलाओ व्हाट्सएप, फोन मिलाओ।” इस पर लोगों ने जवाब दिया कि प्रदेश में कई सोलर प्लांट लग रहे हैं। लोगों का जवाब सुन अखिलेश ने कहा, “अरे भगवान, सोलर प्लांट की बात कर रहे हैं।” यही नहीं, उत्तर प्रदेश में कम बिजली मिलने की बात नकारने वाले बुजुर्ग व्यक्ति को अखिलेश यादव ने BJP का समर्थक करार दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नदी जोड़ो मेगा प्रोजेक्ट Part II: बुंदेलखंड को केन-बेतवा रिवर लिंक परियोजना की सबसे ज्यादा जरूरत क्यों?

भारत सरकार ने राज्यसभा में कहा कि भारत के अतिमहत्वाकांक्षी नदी जोड़ो परियोजना में शीर्ष पर केन-बेतवा नदी लिंक प्रोजेक्ट है।

उमर खालिद की ‘कुर्बानी’ का जश्न मनातीं आरफा खानम, ताहिर हुसैन के लिए भी बहाए थे आँसू: अपने ‘पोस्टर बॉय’ के लिए अदालत पर...

उमर खालिद से ताहिर हुसैन तक, ‘पोस्टर बॉय’ पॉलिटिक्स कैसे काम करती है? आरफा खानम के बयान, अदालतों पर सवाल और सुनवाई में देरी के दावों की पड़ताल।
- विज्ञापन -