Tuesday, October 19, 2021
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बांग्लादेशी छात्रा को भारत छोड़ने का फरमान, घुसपैठियों का पता बताने पर राज ठाकरे की पार्टी देगी ₹5000

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने औरंगाबाद में पोस्टर लगाया गया है, जिसमें मराठी में लिखा है कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में जानकारी देने वालों को 5,000 रुपए का इनाम दिया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बांग्लादेशी छात्रा को भारत छोड़ने का फरमान सुनाया है। छात्रा पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। अफसरा अनिका मीम नाम की यह छात्रा पश्चिम बंगाल की विश्वभारती
विश्वविद्यालय में पढ़ रही है। छात्रा को कोलकाता में फॉरन रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस की तरफ से नोटिस थमाया गया है। उसे 29 फरवरी तक भारत छोड़ना होगा। बता दें कि यह विभाग केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है।

जानकारी के मुताबिक अफसरा अनिका मीम ने 8 फरवरी को CAA के खिलाफ पश्चिम बंगाल में आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन बीरभूम जिले में हुआ था और लेफ्ट विंग के छात्रों की तरफ से आयोजित किया गया था। अनिका बांग्लादेश की कुश्तिया जिले की रहनेवाली है। उसने सीएए विरोधी प्रदर्शनों की तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट की थीं। उसने 2018 में विश्वभारती यूनिवर्सिटी के डिजाइनिंग कोर्स में दाखिला लिया था। पिछले साल भारत सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून को संसद से पास किया था, जिसके बाद से वह उसका विरोध कर रही थी।

आरोप है कि छात्रा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सीएए विरोधी प्रदर्शन की तस्वीरें शेयर की। यह पोस्ट काफी वायरल हुआ था और उसकी काफी आलोचना भी हुई थी। इसके बाद छात्रा को फॉरन रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस की तरफ से 14 फरवरी को नोटिस थमा दिया गया। उसे 15 दिन का समय दिया गया था। चूँकि अब 29 फरवरी नजदीक है तो ये मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। हालाँकि कोलकाता में मौजूद बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन ने कहा है कि उन्हें इस नोटिस के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

नोटिस में वीजा शर्तों के उल्लंघन की भी बात कही गई है। नोटिस के मुताबिक छात्रा को सरकार विरोधी गतिविधि में संलिप्त पाया गया है। इस तरह की गतिविधि वीजा नियमों का उल्लंघन है। वहीं बांग्लादेशी छात्रा ने कहा कि वो अभी भी इस बात को समझ नहीं पाई हैं कि उसने ऐसी कौन सी गलती की कि इस तरह की सजा दी गई।

उसने कहा, “मैंने उत्सुकतावश कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं क्योंकि मेरे कई दोस्तों ने विरोध-प्रदर्शन रैली में भाग लिया था। लेकिन जब मैंने पाया कि लोगों का एक विशेष समूह मुझे सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहा है, तो मैंने तुरंत अपना फेसबुक अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया। मैं वाकई में निर्दोष हूँ। जब मुझे डिपार्टमेंट से पत्र मिला, तो मुझे काफी गहरा सदमा पहुँचा। मैं एक कलाकार बनना चाहती हूँ, इसलिए मैं विश्व भारती में पढ़ाई करने के लिए भारत आई थी। मगर मुझे नहीं पता कि अब मेरा क्या होगा।”

इस बीच राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने औरंगाबाद में पोस्टर लगाया गया है, जिसमें मराठी में लिखा है कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी घुसपैठियों के बारे में जानकारी देने वालों को 5,000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज ठाकरे ने मुंबई में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशियों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने घुसपैठियों को निकालने के लिए रैलियाँ भी की थी।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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