Homeराजनीतिभारत जोड़ो यात्रा इफेक्ट: जिसके घर में राहुल गाँधी ने किया जलपान, वह बुजुर्ग...

भारत जोड़ो यात्रा इफेक्ट: जिसके घर में राहुल गाँधी ने किया जलपान, वह बुजुर्ग महिला खुद 40 मिनट बाहर खड़ी रहने को हुईं मजबूर

राजस्थान में यात्रा के तीसरे दिन कोटा के गोपालपुरा में पौने 3 घंटे का टी ब्रेक हुआ। राहुल और उनके साथ चलने वाले कुछ सीनियर लीडर्स के लिए स्नैक्स की व्यवस्था लाडपुरा के उप प्रधान अशोक मीणा के निवास पर थी। करीब 40 मिनट मकान में नेताओं का जमावड़ा रहा। इस दौरान अशोक मीणा की माँ उर्मिला बाहर ही रहीं।

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ इन दिनों राजस्थान में है। इसी दौरान वे कोटा के लाडपुरा पहुँचे थे। यहाँ उपप्रधान अशोक मीणा के घर में उनके जलपान की व्यवस्था की गई थी। लेकिन एक रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा कारणों से अशोक मीणा की माँ उर्मिला को अपने ही घर में प्रवेश करने के लिए 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में यात्रा के तीसरे दिन कोटा के गोपालपुरा में पौने 3 घंटे का टी ब्रेक हुआ। राहुल और उनके साथ चलने वाले कुछ सीनियर लीडर्स के लिए स्नैक्स की व्यवस्था लाडपुरा के उप प्रधान अशोक मीणा के निवास पर थी। करीब 40 मिनट मकान में नेताओं का जमावड़ा रहा। इस दौरान अशोक मीणा की माँ उर्मिला बाहर ही रहीं।

उर्मिला ने बताया कि वह अपने गाँव वाले मकान पर थीं। वहाँ से आईं तब तक सुरक्षा जाँच प्रक्रिया हो चुकी थी। उनके पास ‘पास’ नहीं था, जिसके कारण सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इसलिए वह बाहर ही इंतजार करती रहीं। वहीं उपप्रधान अशोक मीणा ने बताया कि उन्होंने राहुल गाँधी से सिंचाई को लेकर बात की।

एक ट्विटर यूजर ने इस मामले को लेकर राहुल गाँधी से माफ़ी की माँग की और महिला को हुई तकलीफ के बारे में बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “राहुल गाँधी जी इस लाडपुरा उप प्रधान की माँ महिला उर्मिला जी से माफी माँगेंगे जो खुद महिला के घर अल्पाहार ले रहे थे और वो सिक्योरिटी चेक की वजह से बाहर खड़ी परेशान हो रही थी!”

राहुल गाँधी भले हीं ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे हैं, लेकिन इस रिपोर्ट से स्पष्ट हो जाता है कि वह लोगों से कितना जुड़े हुए हैं। वह मजे से ब्रेकफास्ट करते रहे और घर की मालकिन अपने ही घर जाने का इंतजार करती रहीं। वहीं बुधवार को ही केबलनगर में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान राहुल गाँधी ने संसद में बोलने नहीं दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद टीवी को ओम बिरला का चेहरा पसंद है। इसीलिए टीवी पर उन्हें ही 24 घंटे दिखाया जाता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -