Homeराजनीतिबीफ पार्टी आयोजित करने वाले माकपा सांसद को राज्यसभा में कॉन्ग्रेस ने दिया समर्थन,...

बीफ पार्टी आयोजित करने वाले माकपा सांसद को राज्यसभा में कॉन्ग्रेस ने दिया समर्थन, भाजपा नेता ने बताया- गोभक्षकों का रक्षक

ऐसे व्यक्ति को जो सड़क पर बीफ पार्टी आयोजित करने के लिए कुख्यात रह चुका है, को कॉन्ग्रेस का समर्थन, खुद कॉन्ग्रेस पर कई सवाल खड़े करता है जो अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।

बंगाल से माकपा की टिकट पर निर्विरोध राज्यसभा पहुँचे विकास रंजन भट्टाचार्य पर भाजपा के कैलाश विजयवर्गीय के एक ट्वीट से बवाल खड़ा हो गया है। कैलाश विजयवर्गीय ने अपने ट्वीट में कॉन्ग्रेस समर्थित माकपा के नव निर्वाचित सांसद को ‘गौ भक्षकों का रक्षक’ करार दिया। भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में कुछ साल पुरानी उस घटना का जिक्र किया जिसमें विकास रंजन भट्टाचार्य ने कोलकाता में बीफ पार्टी का आयोजन किया था। विजयवर्गीय ने माकपा के भट्टाचार्य के बहाने कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए उसे ऐसे व्यक्ति को राज्यसभा पहुँचाने का दोषी कहा जिसने बीफ पार्टी का आयोजन कर हिन्दुओं की भावना को आहत करने का काम किया था।

असल में बंगाल से 4 राज्यसभा उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया है जिसमें 3 तृणमूल कॉन्ग्रेस के और 1 माकपा के विकास रंजन भट्टाचार्य हैं जिन्हें कॉन्ग्रेस ने समर्थन दिया था। विकास रंजन भट्टाचार्य, कोलकाता के मेयर भी रह चुके हैं। हाल फिलहाल में ये तब चर्चा में आए थे जब देश में बढ़ती कथित “असहिष्णुता” के खिलाफ प्रदर्शन करने के दौरान कोलकाता में एक बीफ पार्टी आयोजित की गई थी। कोलकाता के पूर्व मेयर विकास रंजन भट्टाचार्य इस विरोध प्रदर्शन के महत्त्वपूर्ण हिस्सा थे जिसमें लोगों के मुँह में बीफ खिलाई गई थी। इस आयोजन के समय आयोजनकर्ताओं में से एक विकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा था कि बहुलतावाद भारत का प्राण है और इस आयोजन का विरोध करने का उद्देश्य भारत के उसी तत्व की रक्षा करना है। उस समय कई वामपंथियों ने भी इस बीफ पार्टी का विरोध करते हुए कहा था कि इस तरह की पार्टियाँ गैरजरूरी हैं और समाज के एक वर्ग की धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाली हैं।

ऐसे व्यक्ति को जो सड़क पर बीफ पार्टी आयोजित करने के लिए कुख्यात रह चुका है, को कॉन्ग्रेस का समर्थन, खुद कॉन्ग्रेस पर कई सवाल खड़े करता है जो अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -