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AI से बनी फर्जी वीडियो शेयर करके PM मोदी को नीचा दिखा रहे थे दिग्विजय सिंह, पोल खुली तो पोस्ट डिलीट किया: नेटीजन्स बोले- यही है कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं का IQ

दिग्विजय ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस पर जवाब माँगा। लेकिन बाद में पता चला कि ये वीडियो असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया एक मजाकिया (सैटायर) वीडियो था।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार (22 फरवरी 2025) को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दावा किया गया कि अमेरिका ने अपनी कंपनियों को भारतीय कस्टमर केयर कर्मचारियों को नौकरी देने से रोक दिया है। वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत और भारतीयों के खिलाफ कथित तौर पर ‘अपमानजनक’ भाषा का इस्तेमाल करते दिखाया गया।

दिग्विजय ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस पर जवाब माँगा। लेकिन बाद में पता चला कि ये वीडियो असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाया गया एक मजाकिया (सैटायर) वीडियो था। इसके बाद दिग्विजय ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया।

दिग्विजय ने अपने पोस्ट में लिखा था, “माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी, हमारे प्रधानमंत्री, जरा देखिए आपके प्यारे दोस्त डोनाल्ड ट्रंप भारत और भारतीयों के बारे में क्या सोचते हैं। क्या आप इस पर कुछ कहेंगे? अगर नहीं, तो क्या आपके विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर को इस पर विरोध नहीं जताना चाहिए कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को ‘दुनिया का सबसे जहरीला देश’ कहा!”

दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट में कॉन्ग्रेस, राहुल गाँधी, सुप्रिया श्रीनेत और पवन खेड़ा को भी टैग किया था। ये वीडियो एक एक्स यूजर नसरीम एब्राहिम ने शेयर किया था, जो AI से बना एक नकली सैटायर वीडियो था। वीडियो में नीचे ‘Faux News’ और ‘Sobering Satire’ लिखा था, जो साफ बताता था कि ये मजाक वाला कंटेंट है। ‘Sobering Satire’ एक यूट्यूब चैनल है जो नकली और मजेदार खबरें बनाता है।

ऑपइंडिया की जाँच में पता चला कि इस वीडियो को बनाने वाला शख्स माइकल क्लाइव है, जो 35 साल से वॉइस-ओवर आर्टिस्ट है और ‘द सिम्पसन्स’ जैसे शो के लिए काम कर चुका है। वीडियो में लिखा था कि AI ने सिर्फ चेहरा बदला, बाकी आवाज और परफॉर्मेंस क्लाइव की थी।

इस घटना पर लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब प्रतिक्रिया दी। एक्स यूजर मनीष रजौरा ने लिखा, “कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं की बुद्धि का यही स्तर है, तभी ये विपक्ष में हैं। भारत को बेहतर विपक्ष चाहिए।”

अंकुर सिंह ने कहा, “कॉन्ग्रेस अब AI से बने फर्जी वीडियो से भारत को बदनाम कर रही है, सिर्फ इसलिए कि भारत राहुल गाँधी को वोट नहीं देता। शर्मनाक!”

एक अन्य यूजर डॉ. अमित सरवाल ने लिखा, “दिग्विजय का फर्जी वीडियो शेयर करना कोई हैरानी की बात नहीं, उनकी अक्ल पर तरस आता है।”

द डेली गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, ये वीडियो 10 जनवरी 2025 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर बनाया गया था। हालाँकि दिग्विजय ने पोस्ट डिलीट तो कर दिया, लेकिन इसके लिए न तो कोई सफाई दी और न ही माफी माँगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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