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कभी थे IPS, आज कॉन्ग्रेस के त्रिपुरा प्रभारी: पहले बाइक रैली के बहाने BJP कार्यालय में तोड़फोड़, फिर CRPF को लेकर बोला झूठा

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की, जिसके बाद झड़प की खबर है। कॉन्ग्रेस का कहना है कि जब उनकी रैली सचिंद्र लाल कॉलोनी, रानीरबाजार टाउनहॉल क्षेत्र और बृद्धनगर से गुजर रही थी तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी उनपर पथराव किया ।

त्रिपुरा के मजलिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच गुरुवार (20 जनवरी 2023) को झड़प हो गई। आरोप है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की, जिसके बाद यह झडप हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना कॉन्ग्रेस पार्टी की बाइक रैली के दौरान हुई। कॉन्ग्रेस ने कहा कि जब उनकी रैली सचिंद्र लाल कॉलोनी, रानीरबाजार टाउनहॉल क्षेत्र और बृद्धनगर से गुजर रही थी तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनपर पथराव किया ।

पार्टी ने आगे दावा किया कि घटना के बाद 15 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कॉन्ग्रेस ने भाजपा के मंत्री और मजलिसपुर के विधायक सुशांत चौधरी पर कथित रूप से हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

दूसरी ओर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सुशांत चौधरी ने बताया कि बाइक रैली के दौरान भाजपा कार्यालय पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया था । उन्होंने कहा, ”सबसे पहले, उनके पास रैली आयोजित करने के लिए पुलिस की कोई अनुमति नहीं थी। अचानक बाइक सवार कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुँचे और तोड़-फोड़ शुरू कर दी।”

उन्होंने यह भी बताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी की बाइक रैली में केशब सरकार और मनोरंजन देबनाथ नाम के दो जाने-माने अपराधियों ने हिस्सा लिया था। चौधरी ने आरोप लगाया कि सीपीआईएम- कॉन्ग्रेस (CPIM-Congress) गठबंधन बाहर से लोगों को लाकर राज्य में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रही है।

CRPF ने कॉन्ग्रेस नेता के दावों की निकाली हवा

इस बीच, त्रिपुरा कॉन्ग्रेस के प्रभारी डॉ अजय कुमार जो कभी आईपीएस थे, उन्होंने कथित गुंडों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के लिए CRPF के एक ऐसे अधिकारी डीएस राव पर निशाना साधा, जो वहाँ मौजूद थे ही नहीं। 

एक ट्वीट में, उन्होंने दावा किया, ”आईजी सीआरपीएफ डीएस राव के सामने से तलवारों और लाठियों के साथ गुंडों के तीन समूह गुजरे और उन्होंने कुछ नहीं किया। मुझे मोटरसाइकिल पर अस्पताल ले जाया जा रहा था। दरअसल, एक बदमाश ने उनके सामने ही मेरी पीठ पर लाठी से वार कर दिया। शर्म करो डीएस राव।”

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने कॉन्ग्रेस पदाधिकारी पर पलटवार किया और उनके फर्जी दावों की हवा निकाल दी। CRPF ने ट्वीट कर कहा, ”सीआरपीएफ के आईजी द्वारा निष्क्रियता के आपके आरोपों पर, हम केवल आपको यह सूचित करना उचित समझते हैं कि सीआरपीएफ में कोई महानिरीक्षक डी एस राव कार्यरत नहीं है।”

इस बीच, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार (18 जनवरी 2023) को पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था, “त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान एक ही चरण में 16 फरवरी 2023 को और नागालैंड और मेघालय में 27 फरवरी 2023 को होगा। परिणाम 2 मार्च 2023 को घोषित किए जाएँगे।”

सीईसी ने कहा था, “नागालैंड, मेघालय और त्रिपुरा में संबंधित राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमशः 12, 15 और 22 मार्च को समाप्त होने वाला है। तीनों राज्यों में प्रत्येक में 60 विधानसभा क्षेत्र हैं।” 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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