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महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत बढ़ी, अब 18 अप्रैल तक रहेंगे जेल में: घर का खाना और दवाइयों की मिली छूट

नवाब मलिक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर से कुर्ला के गोवा परिसर में तीन एकड़ की जमीन औने-पौने दाम में खरीदी थी। जाँच के मुताबिक इस जमीन की कीमत 300 करोड़ रुपए के करीब है।

महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) को 18 अप्रैल, 2022 तक जेल में ही रहना होगा। दाऊद इब्राहिम मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत PMLA की स्पेशल कोर्ट ने और 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। हालाँकि, कोर्ट ने राहत देते हुए घर का खाना और दवाइयों के लिए इजाजत दी है। इससे पहले न्यायिक हिरासत के दौरान उन्हें बेड, गद्दा और कुर्सी प्रदान करने की उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया गया था।

बता दें कि नवाब मलिक पर PMLA (Prevention of Money Laundering Act, 2002) के तहत मामला दर्ज है। मलिक को 23 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम कास्कर से जुड़े एक दागी भूमि सौदे में मनी लॉन्डरिंग मामले में गिरफ्तार किया था। तब से वह लगातार हिरासत में है। वहीं नवाब मलिक ने ईडी के मामले को रद्द करने के लिए पिछले हफ्ते बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नवाब मलिक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर से कुर्ला के गोवा परिसर में तीन एकड़ की जमीन औने-पौने दाम में खरीदी थी। जाँच के मुताबिक इस जमीन की कीमत 300 करोड़ रुपए के करीब है। दाऊद और अन्य के खिलाफ हाल में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने भी केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि NIA ने UAPA की धाराओं के तहत आपराधिक शिकायत भी रजिस्टर्ड की है।

बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

गौरतलब है कि नवाब मलिक ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मलिक ने दावा किया है कि उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है। बता दें कि 15 मार्च को, बॉम्बे हाईकोर्ट ने मलिक के अंतरिम आवेदन को खारिज कर दिया था, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में तत्काल रिहाई की माँग की गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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