Homeराजनीतिअरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया: शराब नीति के बदले 'साउथ लॉबी' ने...

अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया: शराब नीति के बदले ‘साउथ लॉबी’ ने AAP को दिए थे ₹100 करोड़, दिल्ली CM के दफ्तर में रची जाती थी साजिश

बदले में उक्त 'साउथ लॉबी' ने AAP को 100 करोड़ रुपए दिए थे। इस मामले का एक अन्य आरोपित विजय नायर अक्सर अरविंद केजरीवाल के घर जाता था और वहाँ काफी समय गुजारता था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP (आम आदमी पार्टी) के संयोजक अरविंद केजरीवाल को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने गिरफ्तार कर लिया है। शराब घोटाला के मामले में ED ने ये कार्रवाई की है। AAP के नेता सौरभ भारद्वाज और आतिशी पहले से ही कह रही थीं कि दिल्ली सीएम को गिरफ्तार किया जा सकता है। शराब घोटाला के मामले में दायर चार्जशीट में ED ने अरविंद केजरीवाल को साजिशकर्ता के रूप में नामित किया था। BRS की के कविता का भी इसमें नाम है।

AAP के अन्य नेता पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सांसद संजय सिंह पहले से ही इस मामले में जेल में हैं। ED ने कहा है कि शराब माफियाओं की एक ‘साउथ लॉबी’ है, जिसे फायदा पहुँचाने के लिए दिल्ली की शराब नीति बनाई गई थी। हालाँकि, बाद में इसे रद्द कर दिया गया। इसके बदले में उक्त ‘साउथ लॉबी’ ने AAP को 100 करोड़ रुपए दिए थे। इस मामले का एक अन्य आरोपित विजय नायर अक्सर अरविंद केजरीवाल के घर जाता था और वहाँ काफी समय गुजारता था

इस मामले के गवाहों और आरोपितों ने अरविंद केजरीवाल का नाम लिया था। शराब कारोबारियों से विजय नायर ने कहा था कि उसने अरविंद केजरीवाल से नई शराब नीति को लेकर विचार-विमर्श किया है। विजय नायर ने ही ‘Indospirit’ के मालिक समीर महेन्द्रू को दिल्ली के CM से मिलवाया था। बैठक असफल रही तो उसने वीडियो कॉल के जरिए दोनों की बात करवाई। इसमें अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कीजै नायर उनका ‘बच्चा’ है और उस पर उन्हें पूरा विश्वास है।

इसमें एक राघव मगुंटा का नाम भी आया है, जो ‘साउथ लॉबी’ का पहला आरोपित है और अब सरकारी गवाह बन चुका है। उसके पिता YSR कॉन्ग्रेस पार्टी के सांसद हैं। उन्होंने AAP संयोजक से मुलाकात कर के दिल्ली की शराब नीति के बारे में समझा था। मनीष सिसोदिया के पूर्व सेक्रेटरी C अरविंद ने दिसंबर 2022 में अपने एक बयान में कहा था कि एक ‘ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स’ रिपोर्ट के दस्तावेज के आधार पर उन्हें ड्राफ्ट बनाने के लिए कहा गया था, जबकि बैठक में ऐसी कोई चर्चा ही नहीं हुई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोच जनता पार्टी: मीम्स की आड़ में छिपा ‘रेजीम चेंज’ का इंटरनेशनल ब्लूप्रिंट?

Rhino Party से शुरू हुआ और 'कॉकरोच' तक पहुँचा... राजनीति अब मीम्स के भरोसे है? मई 2026 में अचानक उभरी 'कॉकरोच जनता पार्टी' के पीछे छिपे उन 3 सीक्रेट फॉर्मूलों को समझिए जो किसी भी सरकार को घुटनों पर लाने का दावा करते हैं। क्या स्र्द्जा पोपोविच की 'रेजिम चेंज' हैंडबुक भारत में अपनाई जा रही है?

आधार नहीं, वोटर ID नहीं, पासपोर्ट भी अंतिम प्रमाण नहीं: फिर भारत में नागरिकता कैसे साबित होती है? समझें पूरी बहस

जानिए क्यों पासपोर्ट, आधार और वोटर ID नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माने जाते और नागरिकता ऐक्ट 1955 क्या कहता है।
- विज्ञापन -