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दिल्ली शराब घोटाले में CM केजरीवाल को हाई कोर्ट ने नहीं दी जमानत, कहा- CBI की गिरफ्तारी अवैध नहीं: ट्रायल कोर्ट जाने को कहा

दिल्ली हाई कोर्ट ने CM केजरीवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल जमानत के लिए निचली अदालत का रुख कर सकते हैं। कोर्ट ने यह निर्णय 17 जुलाई, 2024 को रिजर्व कर लिया था।

दिल्ली हाई कोर्ट से मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने केन्द्रीय जाँच एजेंसी (CBI) द्वारा केजरीवाल गिरफ्तारी को गलत नहीं माना है। कोर्ट ने केजरीवाल को झटका देते हुए उनकी जमानत याचिका भी ख़ारिज कर दी है।

सोमवार (5 अगस्त, 2024) को दिल्ली हाई कोर्ट की नीना बंसल कृष्णा ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, “यह नहीं कहा जा सकता कि गिरफ्तारी बिना किसी न्यायोचित कारण के की गई।” कोर्ट ने इसी के साथ CBI गिरफ्तारी को रद्द करने की याचिका ठुकरा दी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इसी के साथ CM केजरीवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि केजरीवाल जमानत के लिए निचली अदालत का रुख कर सकते हैं। कोर्ट ने यह निर्णय 17 जुलाई, 2024 को रिजर्व कर लिया था।

केजरीवाल ने कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि CBI द्वारा उनकी गिरफ्तारी को रद्द किया जाए क्योंकि यह उन्हें जेल में रखने की योजना है। केजरीवाल ने कोर्ट में दावा किया कि यदि उन्हें ED मामले में जमानत के बाद वह बाहर ना निकल पाएँ, इसलिए उन्हें CBI ने गिरफ्तार कर लिया। केजरीवाल की इस दलील को कोर्ट ने नहीं माना।

दिल्ली CM केजरीवाल के पास अब सुप्रीम कोर्ट जाने के कयास हैं। केजरीवाल को CBI ने दिल्ली शराब घोटाले का सूत्रधार बताया था। उन्हें CBI ने तिहाड़ जेल से ही गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह तिहाड़ जेल में ही बंद हैं, उन्हें न्यायिक हिरासत में रहे हैं। CM केजरीवाल को इससे पहले 12 जुलाई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने ED की गिरफ्तारी से जमानत दी थी। हालाँकि, CBI मामले के कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सके थे।

गौरलतब है कि दिल्ली CM अरविन्द केजरीवाल को फरवरी, 2024 में ED ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था। ED का है कि आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली में नई शराब नीति के जरिए शराब डीलरों को फायदा पहुँचाया और उनके से पैसे लिए। इसके बाद उस पैसे का इस्तेमाल गोवा चुनाव में हुआ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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