Friday, July 19, 2024
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काम केंद्र का, क्रेडिट खाने की कोशिश केजरीवाल की: दिल्ली में 10000 बेड्स के कोविड अस्पताल को लेकर AAP की राजनीति

जिस हॉस्पिटल की बात की जा रही है, वहाँ ब्यास का शेड पहले से ही तैयार था। ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो ने कई दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि अभी ब्यास में अनुयायियों का कोई आवागमन नहीं हो रहा है, ऐसे में उसे कोरोना से निपटने के लिए समर्पित किया जा सकता है। इसमें केजरीवाल सरकार की कोई भूमिका नहीं थी लेकिन अभी वो क्रेडिट खा रहे हैं।

जहाँ एक तरफ दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कह रहे हैं कि राजधानी में हालात काबू में है। इतना ही नहीं, जब केजरीवाल की AAP सरकार की नाकामी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मैदान में उतरे और उन्होंने कोरोना से निपटने की तैयारियों का जिम्मा सम्भाला, तब आम आदमी पार्टी की सरकार केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों का क्रेडिट खाने के मूड में भी है।

आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर के कहा कि राधास्वामी सत्संग ब्यास सेंटर में कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गई है, जहाँ 10,000 बेड्स में से 2000 बेड्स को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही पार्टी ने ये भी दावा किया कि ये दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर फैसिलिटी है जिसे अरविन्द केजरीवाल सरकार ने तैयार किया है। यहाँ भी पार्टी केंद्रीय गृह मंत्रालय का क्रेडिट खाने के प्रयास से बाज नहीं आई।

भाजपा सरकार के काम की क्रेडिट लेना तो दूर की बात थी, आप नेता संजय सिंह ने तो एक क़दम और आगे बढ़ कर केंद्र सरकार द्वारा किए गए काम को लेकर केंद्र को ही कोसना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि जहाँ लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में जहाँ भाजपा ने सबसे ऊँची प्रतिमा बनवाई, वहीं आप सरकार ने सबसे बड़ा अस्पताल बनवाया। जबकि सच्चाई ये है कि दोनों काम केंद्र सरकार ने ही कराए हैं।

बता दें कि जिस हॉस्पिटल की बात की जा रही है, वहाँ ब्यास का शेड पहले से ही तैयार था। ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो ने कई दिनों पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्ताव रखा था कि अभी ब्यास में अनुयायियों का कोई आवागमन नहीं हो रहा है, ऐसे में उसे कोरोना से निपटने के लिए समर्पित किया जा सकता है। इसमें केजरीवाल सरकार की कोई भूमिका नहीं थी लेकिन अभी वो क्रेडिट खा रहे हैं।

इससे पहले अमित शाह ने केजरीवाल को ट्वीट कर पहले ही कहा था कि ये पहले ही बैठक में निर्णय लिया जा चुका है कि 10,000 बेड्स का अस्पताल बनवाया जाएगा। जब सीएम केजरीवाल ने उन्हें अस्पताल के इंस्पेक्शन के लिए आमंत्रित किया था, तब शाह ने उन्हें जवाब देते हुए ये बात लिखी थी। यहाँ आईटीबीपी और सेना के डॉक्टरों की सेवाएँ भी ली जाएँगी। पूरा काम शाह की निगरानी में ही हुआ है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर आईटीबीपी के अनुभवी डॉक्टरों और प्रशासकों की टीम द्वारा केयर सेंटर की तैयारियाँ युद्ध स्तर पर की जा रही है। दिल्ली में बिगड़ते हालात को लेकर गृहमंत्री ने सबसे पहले एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसके बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए एलएनजेपी अस्पताल में कोरोना वायरस की तैयारियों को देखते हुए अस्पताल का दौरा भी किया था।

केजरीवाल सरकार द्वारा टेस्टिंग बढ़ने के दावों के बाद भाजपा ने जवाब देते हुए कहा है कि दिल्ली में टेस्टिंग की संख्या मोदी सरकार के हस्तक्षेप के बाद बढ़ी। साथ ही पूछा कि ‘आप’ ने इसमें क्या किया? पार्टी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में हुई भयानक स्थिति के ज़िम्मेदार सिर्फ़ ‘आप’ हैं। बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दिल्ली का मोर्चा संभालना पड़ा क्योंकि ‘आप’ जनता को परेशान देखकर भी चुप बैठे रहे।

दिल्ली में बढ़ते कोरोना के आँकड़े दुनिया भर के 167 देशों से भी ज़्यादा हैं। इसके अलावा संक्रमण से हो रहीं मौतों ने भी 166 देशों को पीछे कर दिया है। ये सभी देश कम जनसंख्या वाले ही नहीं हैं। इनमें इंडोनेशिया, जापान और मिस्र जैसे बड़े देश भी शामिल हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 73,780 मामले सामने आए हैं। इनमें 26,586 एक्टिव केस हैं। 2429 लोगों की मौत हुई है। अब तक लगभग 44,765 हजार मरीज ठीक हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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