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पश्चिम बंगाल में जलाए जा रहे हैं हिन्दुओं के घर: कैलाश विजयवर्गीय ने शेयर किया वीडियो

"ऐसी भयानक तस्वीरें आ रही हैं मानो लगता है पूरा हुगली जिला जल रहा है। मेरा एक बार फिर तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार से आग्रह है कि वो वोट बैंक की राजनीति छोड़ लोगों की रक्षा करें। अगर बंगाल में हिंदुओं की रक्षा के लिए पुलिस और सरकार नहीं है तो हम अपने लोगों की रक्षा के लिए खून का आखिरी कतरा तक बहा देंगे।"

पश्चिम बंगाल में हिंदुओं का घर जलाए जाने की ख़बर आ रही है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने आरोप लगाया है कि हुगली में मुस्लिमों द्वारा हिंदुओं का घर जलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष के लोगों द्वारा हुबली जिले के टेलनीपारा के ताँतीपारा, महात्मा गाँधी स्कूल के पास शगुनबागान और फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ स्कूल के पास लगातार आगजनी और लूटपाट की जा रही है। वहाँ का प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा कि पश्चिम बंगाल में इस तरह की घटनाएँ आखिर कब तक होती रहेंगी? उन्होंने वीडियो भी शेयर किया, जिसमें लोगों का घर जलते हुए देखा जा सकता है। पूरे इलाके में कई घरों को जलते हुए देखा जा सकता है। चारों ओर धुआँ फैला हुआ है। कैलाह विजयवर्गीय ने लिखा:

“ऐसी भयानक तस्वीरें आ रही हैं मानो लगता है पूरा हुगली जिला जल रहा है। मेरा एक बार फिर तृणमूल कॉन्ग्रेस सरकार से आग्रह है कि वो वोट बैंक की राजनीति छोड़ लोगों की रक्षा करें। अगर बंगाल में हिंदुओं की रक्षा के लिए पुलिस और सरकार नहीं है तो हम अपने लोगों की रक्षा के लिए खून का आखिरी कतरा तक बहा देंगे।”

हुगली की सांसद लॉकेट चटर्जी ने कहा कि हिंदुओं के घरों को जलाया जा रहा है और कमिश्नर उनका फोन भी नहीं उठा रहे हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल का पुलिस और प्रशासन भी इस मामले में हिंदुओं के ख़िलाफ़ है और कोई भी पीड़ितों की बात नहीं सुन रहा है। सोशल मीडिया पर भी कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें टूटे-फूटे घरों को देखा जा सकता है।

इससे पहले ममता को भेजे गए एक पत्र में विजयवर्गीय ने लिखा था कि जहाँ एक तरह पश्चिम बंगाल की जनता कोरोना नामक आपदा को झेल रही है, ममता बनर्जी गन्दी राजनीति खेलने में व्यस्त हैं। उन्होंने सलाह दी थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ से झगड़ने की बजाए वो राज्य पर ध्यान दें। उन्होंने लिखा था कि ये भाजपा नेताओं से बदला लेने का समय नहीं है। ये समय है अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखाने का है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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