Wednesday, July 17, 2024
Homeराजनीतिसमाजवादी पार्टी की मान्यता खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में PIL, कैराना के...

समाजवादी पार्टी की मान्यता खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में PIL, कैराना के मास्टरमाइंड नाहिद हसन की उम्मीदवारी पर घिरे अखिलेश यादव

"समाजवादी पार्टी ने कैराना से एक गैंगस्टर को चुनाव मैदान में उतार दिया। उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड अपने ट्विटर अकाउंट और वेबसाइट पर सपा ने जारी नहीं किया।"

जेल में बंद गैंगस्टर नाहिद हसन को कैराना से उम्मीदवार बनाकर अखिलेश यादव मुश्किल में घिर गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की ओर से समाजवादी पार्टी की मान्यता खत्म करने की माँग करते हुए PIL दाखिल की गई है। इस याचिका में कहा गया है कि चुनाव में उम्मीदवार तय करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का समाजवादी पार्टी ने उल्लंघन किया है और इसके लिए उसकी मान्यता खत्म की जाए।

एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर माँग की है कि सपा की मान्यता रद्द करने का निर्देश दिया जाए। उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यूपी के कैराना से नाहिद हसन को उतारकर सपा ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। उपाध्याय ने कहा, “समाजवादी पार्टी ने कैराना से एक गैंगस्टर को चुनाव मैदान में उतार दिया। उसका क्रिमिनल रिकॉर्ड अपने ट्विटर अकाउंट और वेबसाइट पर सपा ने जारी नहीं किया। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अश्विनी उपाध्याय ने अपनी अर्जी में सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि चुनाव आयोग को आदेश दिया जाए कि वह यह सुनिश्चित करे कि हर पार्टी अपने प्रत्याशियों पर दर्ज मुकदमों के बारे में जानकारी प्रकाशित करे। इसके अलावा अपनी वेबसाइट पर भी यह जानकारी दे कि आखिर आपराधिक मुकदमे दर्ज होने के बाद भी उसे प्रत्याशी क्यों बनाया गया है।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने अपनी पहली सूची में कैराना से हिन्दुओं के पलायन का मास्टरमाइंड गैंगस्टर नाहिद हसन को चुनाव मैदान में उतारा था। उधर, नाहिद हसन को यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद सपा ने उसका टिकट काट दिया है और विरोध के बाद नाहिद की बहन को टिकट दिया है।

बता दें कि नाहिद हसन पर करीब 11 महीने पहले लगाए गए गैंगस्टर एक्ट के तहत हिरासत में है और वह समाजवादी पार्टी से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण में नामांकन दाखिल करने वाले पहले उम्मीदवार हैं। 13 फरवरी 2021 को कैराना से दो बार विधायक रहे नाहिद हसन पर शामली पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट लगा दिया था। इसके अलावा भी उसपर कई आपराधिक मामले हैं। जिनमें यूपी पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

साथियों ने हाथ-पाँव पकड़ा, काज़िम अंसारी ने ताबतोड़ घोंपा चाकू… धराया VIP अध्यक्ष मुकेश सहनी के पिता का हत्यारा, रात के डेढ़ बजे घर...

घटना की रात काज़िम अंसारी ने 10-11 बजे के बीच रेकी भी की थी जो CCTV में कैद है। रात के करीब डेढ़ बजे ये लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे।

प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण वाले बिल पर कॉन्ग्रेस सरकार का U-टर्न, वापस लिया फैसला: IT कंपनियों ने दी थी कर्नाटक छोड़ने की धमकी

सिद्धारमैया के फैसले का भारी विरोध भी हो रहा था, जिसकी वजह से कॉन्ग्रेसी सरकार बुरी तरह से घिर गई थी। यही नहीं, इस फैसले की जानकारी देने वाले ट्वीट को भी मुख्यमंत्री को डिलीट करना पड़ा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -