Saturday, July 13, 2024
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CM की बेटी के ‘करप्शन’ से केरल का सियासी पारा चढ़ा, वीणा विजयन पर बिना काम के 3 साल तक पैसे लेने का आरोप

रिपोर्टों के अनुसार आयकर जाँच से यह बात सामने आई है कि विजयन और उनकी कंपनी को हर महीने कुल 8 लाख रुपए बिना काम के मिलते रहे। इस तरह से 3 साल तक वीणा और उनकी कंपनी एक्जॉलॉजिक सॉल्यूशंस को कुल 1.72 करोड़ रुपए मिले हैं।

मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की बेटी वीणा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने केरल का राजनीतिक तापमान चढ़ दिया है। बीजेपी ने कॉन्ग्रेस पर इस मामले में खामोशी अख्तियार करने का आरोप लगाया है। कहा है कि सीपीएम के साथ छिपे हुए समझौते के कारण कॉन्ग्रेस ने इस मामले को विधानसभा में नहीं उठाने का फैसला किया है। वीणा पर बिना काम के एक प्राइवेट कंपनी से तीन साल तक पैसे लेने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयकर जाँच से यह बात सामने आई है कि विजयन और उनकी कंपनी को हर महीने कुल 8 लाख रुपए बिना काम के मिलते रहे। इस तरह से 3 साल तक वीणा और उनकी कंपनी एक्जॉलॉजिक सॉल्यूशंस को कुल 1.72 करोड़ रुपए मिले हैं। बीजेपी ने इस घोटाला करार दिया है।

क्या है मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड नाम की कंपनी से वीणा विजयन और उनकी कंपनी को तीन सालों में हर महीने 8 लाख रुपए दिए गए। तीन सालों में 1.72 करोड़ रुपए वीणा और उनकी कंपनी को मिले। इस मामले में आयकर विभाग के अंतरिम सेटलमेंट बोर्ड की बेंच ने कहा है कि वीणा और उनकी कंपनी ने आईटी, सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाएँ प्रदान करने के लिए सीएमआरएल के साथ समझौता किया था, जिसके लिए ये पैसा दिया गया। लेकिन कोई काम नहीं कराया गया। काम न होने के बावजूद इनकम टैक्स विभाग की जाँच में ये पाया गया है कि हर महीने वीणा और उनकी कंपनी को पैसे भेजे जाते रहे।

साल 2019 में हुई थी छापेमारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2019 में इनकम टैक्स विभाग ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड के दफ्तर, फैक्ट्री के साथ ही एमडी और वरिष्ठ अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की थी। इस दौरान कंपनी की ओर से 2013-14 से लेकर 2019-20 तक टैक्स चोरी की जानकारी मिली। इसी दौरान इस लेनदेन का पता चला था।

भाजपा ने बोला हमला

शुरुआत में कॉन्ग्रेस विधायक मैथ्यू कुझालनदान ने इस मामले को उठाया था। जवाब में सत्ताधारी दल ने कहा कि इसका मुख्यमंत्री से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन बाद में कॉन्ग्रेस ने इस मामले को विधानसभा में उठाने से मना कर दिया।

कॉन्ग्रेस को घेरते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा है कि केरल के मुख्यमंत्री की बेटी के खिलाफ एक कंपनी से रिश्वत लेने का आरोप सामने आए 24 घंटे से अधिक समय हो गया है। केरल विधानसभा का सत्र चल रहा है। लेकिन कॉन्ग्रेस ने इसे विधानसभा में नहीं उठाने का फैसला किया है। यह दोनों दलों के बीच छिपे हुए समझौते को दिखाता है। उन्होंने कहा, “केरल में कॉन्ग्रेस और सीपीएम को एक-दूसरे के खिलाफ लड़कर लोगों को बेवकूफ बनाने का बंद करना चाहिए। ये लोगों के सामने बोलते हैं कि हम सरकार के खिलाफ हैं और कम्युनिस्ट सरकार को एक्सपोज करेंगे। लेकिन ये सब एक साथ हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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