Homeराजनीति'डरे हुए हैं तमिलनाडु के दलित, राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं...

‘डरे हुए हैं तमिलनाडु के दलित, राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची’: BSP प्रदेश अध्यक्ष की हत्या के बाद श्रद्धांजलि देने पहुँचीं मायावती, कहा – DMK सरकार पर भरोसा नहीं

पेरंबूर के प्राइवेट स्कूल में K आर्मस्ट्रॉन्ग का पार्थिव शरीर रखा गया है, जहाँ पहुँच कर मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

तमिलनाडु में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष K आर्मस्ट्रॉन्ग की शुक्रवार (5 जुलाई, 2024) को हत्या कर दी गई थी। अब उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए खुद पार्टी सुप्रीमो मायावती दक्षिण भारतीय राज्य पहुँची है। साथ ही उन्होंने DMK सुप्रीमो व मुख्यमंत्री MK स्टालिन के राज में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा किया। मायावती ने कहा कि इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो असली दोषी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार CBI जाँच की अनुशंसा करे।

पेरंबूर के प्राइवेट स्कूल में K आर्मस्ट्रॉन्ग का पार्थिव शरीर रखा गया है, जहाँ पहुँच कर मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी उम्र 52 वर्ष थी। साथ ही उन्होंने मृत नेता के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें ढाँढस बँधाया। उन्होंने K आर्मस्ट्रॉन्ग को मेहनती एवं समर्पित कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उनकी हत्या से उन्हें और उनके पूरे परिवार को दुःख पहुँचा है। उन्होंने कहा कि आर्मस्ट्रॉन्ग बाबासाहब भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों में विश्वास रखते थे।

उन्होंने कहा कि K आर्मस्ट्रॉन्ग भगवान बुद्ध के अनुयायी थे और उन्होंने राजनीति में कदम रखने की ठानी तो ‘बहुजन समाज पार्टी’ (BSP) को चुना। मायावती ने कहा कि K आर्मस्ट्रॉन्ग ने तमिलनाडु में बसपा के विकास के लिए मेहनत की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। उन्होंने कहा कि असली दोषियों को अभी पकड़ा जाना बाकी है। मायावती ने कहा कि उन्हें राज्य सरकार पर विश्वास नहीं है कि वो इस मामले में न्याय करेगी।

मायावती ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार हुए अपराधी तो सिर्फ मुखौटा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि ये मामला सिर्फ बसपा के प्रदेश अध्यक्ष का नहीं है बल्कि पिछड़े एवं दलित वर्ग की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में दलित लोग डरे हुए हैं और CM स्टालिन को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बसपा ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लिया है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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