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लालू के बेटा-बेटी की बनाई फर्जी कंपनी की संपत्ति होगी जब्त IT विभाग ने लगाई मुहर

आयकर विभाग की प्रथम अपीलीय अथॉरिटी ने बेनामी संपत्ति और अवामी बैंक के दर्जनों खातों को जब्त करने पर मुहर लगा दी है। बेनामी संपत्ति पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ी है।

चारा घोटाला के विभिन्न मामलों में सजा काट रहे राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेनामी संपत्ति जब्त की जाएगी। आयकर विभाग की प्रथम अपीलीय अथॉरिटी ने बेनामी संपत्ति और अवामी बैंक के दर्जनों खातों को जब्त करने पर मुहर लगा दी है। बेनामी संपत्ति पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के परिवार से जुड़ी है। वहीं अवामी कोआपरेटिव बैंक में नोटबंदी के दौरान मजदूरों के नाम पर एक राजद नेता ने दर्जनों फर्जी खाते खोलवाए और उसमें दो से ढाई लाख के पुराने नोट जमा कराए थे। ऐसे फर्जी खातों में लगभग 80 से 85 लाख रुपए जमा किए गए थे।

जिस बेनामी संपत्ति को जब्त करने पर आयकर विभाग की मुहर लगी है, वह पटना के बेली रोड हवाई अड्डा के पास स्थित विशाल मकान है। यह फेयर ग्रो होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है। दरअसल, फेयर ग्रो शेल कंपनी का ना तो कोई कारोबार था, ना ही यह कंपनी कोई टैक्स देती थी, फिर भी कंपनी के नाम पर करोड़ों की संपत्ति थी। लालू यादव के दोनों बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी यादव व दो बेटियाँ रागिनी व चंदा इस कंपनी में वर्ष 2014 से लेकर 2017 तक निदेशक रहे हैं।

हालाँकि, आयकर विभाग द्वारा मामले की जाँच शुरू किए जाने के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग ने इन दोनों मामलों में पहले ही छापेमारी कर इन संपत्तियों को सील कर दिया था। इसके बाद बेनामी संपत्ति मामले में इन्हें जब्त करने के लिए यह मामला नई दिल्ली स्थित एडजुकेटिंग ऑथरिटी में चल रहा था। अब ऑथरिटी ने शुक्रवार (जून 21, 2019) को इन्हें जब्त करने से संबंधित फैसला दे दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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