Thursday, September 23, 2021
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CAA विरोधी ‘कैप्टन’ को अब याद आए अफगानिस्तान के सिख: विदेश मंत्री से लगाई गुहार, कहा- गुरुद्वारे में फँसे हैं 200

जनवरी 2020 में पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा था कि वो केरल सरकार की तर्ज पर CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएँगे। केरल के बाद पंजाब की विधानसभा ही थी जिसने CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह को अब अफगानिस्तान में फँसे सिखों की याद आई है। उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से गुहार लगाई है कि वो अफगानिस्तान में फँसे सभी भारतीयों को वहाँ से निकालने के लिए त्वरित आधार पर कार्रवाई शुरू करें। CAA के विरोधी रहे पंजाब सीएम कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहाँ के एक गुरुद्वारे में 200 सिख फँसे हुए हैं, जिन्हें वापस लाना ज़रूरी है।

साथ ही उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में फँसे भारतीयों को वापस निकालने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्रालय को पंजाब सरकार से किसी भी प्रकार की मदद चाहिए तो वो इसके लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्ज़ा भारत के लिए अच्छा नहीं है। पंजाब सीएम ने इसके पीछे चीन-पाकिस्तान के साजिश की आशंका जताई और कहा कि चीन ने उइगर मुस्लिमों के खिलाफ पहले ही तालिबान से मदद माँगी थी।

उन्होंने कहा कि ये घटनाक्रम सही संकेत नहीं दे रहे हैं और भारत को सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। लेकिन, आज अफगानिस्तान में फँसे सिखों को याद कर रहे कैप्टेन अमरिंदर सिंह ‘नागरिकता संशोशण कानून (CAA)’ के मुखर विरोधी हैं और उन्होंने इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक जाने की भी बात कही थी। इस कानून से पड़ोसी मुल्कों से प्रताड़ित होकर भारत आए शरणार्थियों को यहाँ की नागरिकता व अधिकार दिए जा रहे हैं।

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद पंजाब CM कैप्टेन अमरिंदर सिंह के ट्वीट्स

जनवरी 2020 में पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा था कि वो केरल सरकार की तर्ज पर CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएँगे। साथ ही उन्होंने कहा था कि पंजाब जैसे राज्यों में इसे लागू करने के लिए इसमें संशोधन करने होंगे। साथ ही उन्होंने NRC का भी विरोध किया था। इतना ही नहीं, केरल के बाद पंजाब की विधानसभा ही थी जिसने CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। इस कानून को ‘विभाजनकारी’ और ‘स्वच्छ लोकतंत्र के खिलाफ’ बताया गया था।

उनकी सरकार ने कहा था कि धर्म के आधार पर नागरिकता दिया जाना गलत है और CAA से भारत के लोगों की भाषाई व सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर आँच आएगी। तब भाजपा और अकाली दल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। आम आदमी पार्टी (AAP) इस प्रस्ताव के समर्थन में थी। CAA के अंतर्गत शरणार्थी सिख भी आते हैं, लेकिन बावजूद इसके कैप्टेन अमरिंदर सिंह लगातार इसका विरोध करते रहे।

इसी महीने कॉन्ग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने खुद को ‘सिख समुदाय का एक जिम्मेदार भारतीय नागरिक’ बताते हुए अफगानिस्तान से 650 सिखों व 50 हिन्दुओं को सुरक्षित निकाले जाने के लिए केंद्रीय विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था। जबकि दिसंबर 2019 में उन्होंने ट्वीट किया था, ‘CAB = Communal Atom Bomb’, जिसका अर्थ है – ‘नागरिकता संशोधन विधेयक = सांप्रदायिक परमाणु बम।’

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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