Homeफ़ैक्ट चेकराहुल गाँधी की सजा पर नहीं लग पा रही रोक, कॉन्ग्रेस नेता पहुँचे सुप्रीम...

राहुल गाँधी की सजा पर नहीं लग पा रही रोक, कॉन्ग्रेस नेता पहुँचे सुप्रीम कोर्ट: गुजरात HC के फैसले के खिलाफ दरवाजा खटखटाया, मोदी सरनेम केस में मिली है 2 साल की जेल

राहुल गाँधी ने गुजरात उच्च न्यायालय में अपील की थी कि मानहानि केस में उन्हें सजा ही न मिले। मगर बीती 7 जुलाई को केस की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उनकी पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया था।

मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि मामले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने शनिवार (जुलाई 15, 2023) को गुजरात हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपनी याचिका दाखिल की।

मालूम हो कि इससे पहले राहुल गाँधी ने गुजरात उच्च न्यायालय में अपील की थी कि मानहानि केस में उन्हें सजा ही न मिले। मगर बीती 7 जुलाई को केस की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उनकी पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया था। अब इसी आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

गौलरतब है कि मानहानि केस में राहुल गाँधी को 2 साल की सजा सूरत कोर्ट द्वारा सुनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने जमानत की गुहार लगाई और गिरफ्तारी से बच गए। हालाँकि उनकी सांसदी वापस नहीं आई।

बता दें कि 13 अप्रैल 2019 को राहुल गाँधी ने कहा था, “नीरव मोदी, ललित मोदी, नरेंद्र मोदी इन सभी के नाम में मोदी लगा हुआ है। सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों लगा होता है।” इस बयान के बाद भाजपा नेता पूर्णेश मोदी ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ सूरत में मामला दर्ज कराया था। उनपर आरोप था कि उन्होने ऐसी टिप्पणी करके मोदी सरनेम वालों को बदनाम किया।

इस केस में राहुल गाँधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत केस दर्ज करवाया था। ये धाराएँ आपराधिक मानहानि से संबंधित है। करीब 4 साल बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राहुल गाँधी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई थी। अदालत ने राहुल गाँधी को 2 साल की जेल और 15000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई थी। हालाँकि उन्हें तुरंत जमानत देते हुए ऊपरी अदालत में अपील के लिए 30 दिनों का समय दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एक सैनिक, एक लॉन्चर और दुश्मन के टैंक पर अंतिम प्रहार: DRDO की स्वदेशी MPATGM को मिली हरी झंडी, जानें- कितनी ताकतवर है यह...

52 हजार करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी। MPATGM समेत कई स्वदेशी हथियार भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमता बढ़ाएँगे।

स्किन-केयर बिजनेस में पाकिस्तानी दे रहे इंसानी गर्भनाल से सहयोग, चीन से वियतनाम तक फैला था गिरोह: जानिए एंटी-एजिंग और कॉस्मेटिक उत्पादों में कैसे...

पाकिस्तान में अवैध रूप से इंसानी गर्भनाल प्रोसेस कर विदेश भेजने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जहाँ अस्पतालों से प्लेसेंटा खरीदा जाता था।
- विज्ञापन -