Wednesday, September 23, 2020
Home देश-समाज CAA पर ताबड़तोड़ झूठ: लोगों को भड़का कर सरकारी कर्मचारियों पर हमले करवाने की...

CAA पर ताबड़तोड़ झूठ: लोगों को भड़का कर सरकारी कर्मचारियों पर हमले करवाने की फिराक में YoYa?

इसके बाद योगेंद्र यादव का वही पुराना झूठ चालू हो जाता है- मुस्लिमों को नागरिक नहीं माना जाएगा क्योंकि यहाँ से सीएए का खेल शुरू हो जाएगा और हिन्दू बच जाएँगे। सरकार कई बार कह चुकी है कि सीएए और एनआरसी के बीच कोई सम्बन्ध नहीं है, फिर भी लगातार झूठ पर झूठ बोला जा रहा है।

ख़ुद को किसान नेता बताने वाले योगेंद्र यादव ने सीएए और एनआरसी को लेकर एक बार फिर से झूठ फैलाया है। ये कथित बुद्धिजीवी जनता को बरगलाने में इतना व्यस्त हो गए हैं कि अब वो एक ही झूठ हज़ार बार बोल कर उसे जनता के मन में सच की तरह बिठाने में लग गए हैं। ‘स्वराज इंडिया’ के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने पाँच उँगलियों पर गिन कर सीएए और एनआरसी के ख़िलाफ़ जनता को भड़काया। योगेंद्र यादव ने कहा कि अप्रैल के महीने में कोई सरकारी कर्मचारी या स्कूली शिक्षक आएँगे, जो नाम, जन्मस्थान माता-पिता के जन्मस्थान, आधार नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस वगैरह जैसी जानकारी माँगेंगे।

इस दौरान योगेंद्र यादव ने पहला झूठ तो ये बोला कि एनपीआर के दौरान किसी से उसके माता-पिता के जन्मस्थान के बारे में जानकारी माँगी जाएगी। ऐसा बिलकुल भी नहीं है। एनपीआर के द्वारा लोगों का एक ‘आइडेंटिटी डेटाबेस’ तैयार किया जाएगा। ख़बरों की मानें तो इसमें ये जानकारियाँ देनी होंगी- नाम, जन्मदिन, जन्मस्थान, माता-पिता का नाम, पतिपत्नी का नाम (शादीशुदा के लिए), पता, पेशा और शैक्षिक योग्यता। इनमें माता-पिता के जन्मस्थान संबंधी कोई जानकारी है ही नहीं।

इससे साफ़ पता चलता है कि योगेंद्र यादव जनता को भड़का कर जनगणना की रूटीन प्रक्रिया को बाधित करना चाह रहे हैं। ऐसे ही प्रयासों के कारण ‘नेशनल इकोनॉमिक सेन्सस’ के लिए डेटा इकठ्ठा कर रही राजस्थान के कोटा में एक महिला नज़ीरा बानो पर हमला कर दिया गया। जब उन्होंने भीड़ को बताया कि वो भी मुस्लिम हैं, तब जाकर लोगों ने उन्हें छोड़ा। नजीरा का मोबाइल फोन छीन लिया गया और सारे डेटा भी डिलीट कर दिए गए। इसी तरह पश्चिम बंगाल के बीरभूम में गूगल और टाटा के ‘इंटरनेट साथी’ के तहत महिलाओं के साक्षरता का डाटा इकठ्ठा कर रहीं चुमकी खातून का घर जला डाला गया। महिला को परिवार सहित पुलिस थाने में शरण लेनी पड़ी।

इन दोनों घटनाओं का शिकार मुस्लिम महिलाएँ बनीं। देश के अलग-अलग इलाक़ों की मुस्लिम महिलाएँ। एक तो मुस्लिमों में साक्षरता दर कम है, ऊपर से उनकी महिलाओं के मामले में ये आँकड़ा और भी भयावह है। और जब वो सरकार व प्राइवेट कंपनियों के लिए जनहित का काम कर रही हैं, तो उन पर हमला होता है। क्यों? क्योंकि लोगों ने समझा कि वो एनआरसी के लिए डेटा इकठ्ठा कर रही हैं। लोगों को तथाकथित बुद्धिजीवियों द्वारा इस कदर भड़का दिया है कि इस तरह की घटनाएँ हो रही हैं। फिर तो जन-कल्याणकारी योजनाओं के सारे सर्वे रुक जाएँगे और अराजकता का माहौल फ़ैल जाएगा।

- विज्ञापन -

यही तो ये बुद्धिजीवी चाहते हैं। योगेंद्र यादव ने भी यूँ ही जनता को भड़काने का काम किया है, ताकि जनगणना और एनपीआर जैसी रूटीन प्रक्रियाएँ बंद हो जाएँ, बाधित हों। और एनपीआर के लिए भाजपा तो दोषी है ही नहीं। इसे एनआरसी से कॉन्ग्रेस ने जोड़ा था। भाजपा सरकार ने तो हटाया है इसे एनआरसी से। सरकार कह चुकी है कि इसका एनआरसी से कोई जुड़ाव नहीं। एनपीआर के तहत जुलाई 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल रजिस्टर होने वाली पहली नागरिक बनी थीं। तब यूपीए-2 की सरकार थी। उस समय इन बुद्धिजीवियों ने हमला क्यों नहीं किया सरकार पर?

योगेंद्र यादव ने वीडियो में आगे कहा कि जब डेटा सरकारी दफ्तरों में पहुँचेगा तो उनमें से कुछ लोगों के आगे ‘चुपचाप’ सरकारी कर्मचारी ‘D’ लगा देंगे, यानी ‘Doubtful’ या संदेहास्पद, फिर इसके बाद उन्हें नोटिस जाएगा कि की साबित करें कि वो भारत के नागरिक हैं। फिर योगेंद्र यादव कहते हैं कि उन्हें भारत की नागरिकता साबित करने के लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड कुछ भी दिखाने से काम नहीं चलेगा, उनसे सरकारी प्रमाण-पत्र माँगा जाएगा। इसके बाद वो असम का उदाहरण गिनाते हैं, जहाँ वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद लोगों को भारत का नागरिक नहीं माना गया। यादव ने कहा कि 30 साल पहले के सरकारी प्रमाण-पत्र और संपत्ति का प्रमाण-पत्र जुटाना होगा। फिर वो पूछते हैं कि ग़रीब कहाँ से ये सब लेकर आएगा?

यहाँ योगेंद्र यादव ने एक साथ ताबड़तोड़ कई झूठ बोले। असम में एनआरसी लागू हुई है, वहाँ डाक्यूमेंट्स की दो सूचियाँ बनाई गई हैं। दोनों में से एक-एक ही दिखाने हैं। पहली सूची में 14 डॉक्युमेंट्स में से कोई एक और दूसरी सूची में 8 डाक्यूमेंट्स में से कोई एक। ये डाक्यूमेंट्स मार्च 1971 के कट-ऑफ डेट के पहले के होने चाहिए। ऐसा इसीलिए, क्योंकि असम एकॉर्ड में कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान ही ये तारीख दी गई थी। पूरे भारत के लिए एनआरसी लागू ही नहीं हुई है और कोई नियम-क़ानून आया ही नहीं है इस सम्बन्ध में, फिर योगेंद्र यादव जैसे लोग पूरी प्रक्रिया मालूम होने के दावे कैसे कर रहे हैं?

योगेंद्र यादव ने सीएए, एनपीआर और एनआरसी को लेकर बोला ताबड़तोड़ झूठ

योगेंद्र यादव ने कहा कि कोई सरकारी कर्मचारी ‘चुपचाप’ नामों को संदिग्ध वाली सूची में डाल देगा। एनपीआर के 2003 के नियमों के अनुसार, ‘संदिग्ध नागरिक’ का प्रावधान तो है लेकिन इस बार ऐसा कुछ करने के बारे में सरकार ने कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इसीलिए बिना प्रक्रिया जाने, योगेंद्र यादव लोगों को भड़काने में लगे हुए हैं। असम के मामले में पूरी प्रक्रिया काफी अच्छे तरीके से परिभाषित की गई है और उसी अनुसार काम हो रहा है। सरकारी प्रक्रिया ‘चुपचाप’ पूरी नहीं की जाती, हर चीज के पीछे कारण बताए जाते हैं और पूर्व-निर्धारित नियम के अनुसार ही काम होता है।

इसके बाद योगेंद्र यादव का वही पुराना झूठ चालू हो जाता है- मुस्लिमों को नागरिक नहीं माना जाएगा क्योंकि यहाँ से सीएए का खेल शुरू हो जाएगा और हिन्दू बच जाएँगे। सरकार कई बार कह चुकी है कि सीएए और एनआरसी के बीच कोई सम्बन्ध नहीं है, फिर भी लगातार झूठ पर झूठ बोला जा रहा है। सीएए विदेशी अल्पसंख्यकों के लिए है, जो भारत में शरणार्थी बन कर वर्षों से रह रहे हैं और जिन पर मजहब के आधार पर अत्याचार किया गया है। जबकि एनआरसी अभी पूरे देश के लिए आई ही नहीं है। फिर हंगामा क्यों? क्या देश में होने वाली हर रूटीन सरकारी प्रक्रिया को भी एनआरसी से जोड़ा जाएगा।

दरअसल, योगेंद्र यादव सरीखे लोग विकास नहीं होने देना चाहते हैं। ‘उज्ज्वला’ के तहत हर घर में गैस पहुँचने और ‘सौभाग्य’ के द्वारा हर घर में बिजली पहुँचाए जाने से ये लोग मोदी सरकार से खफा हैं। ऐसी कई योजनाएँ हैं, जिनका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है। साक्षरता से लेकर बच्चों के पोषण-कुपोषण तक, हज़ार तरह के सर्वे सरकार कराती रहती है और फिर उसी हिसाब से योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। इसमें हजारों कर्मचारी, शिक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता लगे रहते हैं। यादव जैसे लोगों के भड़काने के कारण कल को अगर इन लोगों पर एक भी हमले हों तो इन बुद्धिजीवियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

निलंबित AAP सांसद संजय सिंह ने टीवी पर स्वीकारा कि उन्होंने उपाध्यक्ष का माइक तोड़ा, कहा- लोकतंत्र की रक्षा कर रहे थे

AAP नेता संजय सिंह ने खुद और अन्य विधायकों का बचाव करते हुए कहा कि वे 'लोकतंत्र को बचाने' की कोशिश कर रहे थे।

नोटबंदी और कृषि बिल के लिए एक ही शख्स के इंटरव्यू के वायरल दावे को ANI एडिटर ने नकारा, कॉन्ग्रेस ने फैलाया ‘झूठ’

इन दिनों सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि समाचार एजेंसी ANI ने हाल ही में पारित किए गए किसान बिल और 2016 में मोदी सरकार द्वारा लाए गए नोटबंदी के लिए एक ही व्यक्ति का इंटरव्यू लिया।

व्यंग्य: रवीश जी दुबरा गए हैं, एतना चिंता हो रहा है देस का कि का कहें महाराज!

एक समाज के तौर पर हम कहाँ जा रहे हैं? धरती घूम रही है और हम भी घूम रहे हैं। इसी धरती पर मोदी हमें घुमा रहा है। जबकि लेहरू जी द्वारा भारत को दिए गए विज्ञान की सौगात यही कहती है किसान को किसान ही रहने दो, उसको व्यापारी मत बनाओ।

संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने ईशान करण की चिट्ठी नहीं पढ़ी… वरना पत्रकार हरिवंश से पंगा न लेते

दूर बैठकर भी कर्मचारियों के मन को बखूबी पढ़ लेने वाले हरिवंश जी, अब आसन पर बैठ संजय सिंह, डेरके ओ ब्रायन की 'राजनीति' को पढ़ हँसते होंगे।

दिल्ली दंगों से पहले चाँदबाग में हुई बैठक: 7 गाड़ियों में महिलाएँ जहाँगीरपुरी से लाई गई, देखें व्हाट्सअप चैट में कैसे हुई हिंसा की...

16-17 फरवरी की देर रात चाँद बाग में मीटिंग करने का निर्णय लिया था। यहीं इनके बीच यह बात हुई कि दिल्ली में चल रहे प्रोटेस्ट के अंतिम चरण को उत्तरपूर्वी दिल्ली के इलाकों में अंजाम दिया जाएगा।

प्रचलित ख़बरें

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

व्हिस्की पिलाते हुए… 7 बार न्यूड सीन: अनुराग कश्यप ने कुबरा सैत को सेक्रेड गेम्स में ऐसे किया यूज

पक्के 'फेमिनिस्ट' अनुराग पर 2018 में भी यौन उत्पीड़न तो नहीं लेकिन बार-बार एक ही तरह का सीन (न्यूड सीन करवाने) करवाने का आरोप लग चुका है।

संघी पायल घोष ने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया – जया बच्चन

जया बच्चन का कहना है कि अनुराग कश्यप पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर पायल घोष ने जिस थाली में खाया, उसी में छेद किया है।

प्रेगनेंसी टेस्ट की तरह कोरोना जाँच: भारत का ₹500 वाला ‘फेलूदा’ 30 मिनट में बताएगा संक्रमण है या नहीं

दिल्ली की टाटा CSIR लैब ने भारत की सबसे सस्ती कोरोना टेस्ट किट विकसित की है। इसका नाम 'फेलूदा' रखा गया है। इससे मात्र 30 मिनट के भीतर संक्रमण का पता चल सकेगा।

माही, ऋचा, हुमा… 200 से भी ज्यादा लड़कियों से मेरे संबंध रहे हैं: पायल घोष का दावा- अनुराग कश्यप ने खुद बताया था

पायल घोष ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि अनुराग कश्यप के 200 लड़कियों से संबंध थे और अब यह संख्या 500 से ज्यादा हो सकती है।

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

सुप्रीम कोर्ट में ‘हिन्दू आतंक’ का हवाला दिए जाने से बौखलाए NDTV के पत्रकार ने केंद्र पर लगाया ‘अपने लोगों’ को बचाने का आरोप

आतंकवादी हमले को ‘छोटा-मोटा’ हमला करार देने वाले NDTV के पत्रकार जैन ने केंद्र पर किसी भी कीमत पर ‘अपने लोगों’ को बचाने का आरोप लगाया।

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

निलंबित AAP सांसद संजय सिंह ने टीवी पर स्वीकारा कि उन्होंने उपाध्यक्ष का माइक तोड़ा, कहा- लोकतंत्र की रक्षा कर रहे थे

AAP नेता संजय सिंह ने खुद और अन्य विधायकों का बचाव करते हुए कहा कि वे 'लोकतंत्र को बचाने' की कोशिश कर रहे थे।

भारत के आगे एक बार फिर नतमस्तक हुआ नेपाल: विवादित नक्‍शे वाली किताब पर PM ओली ने लगाई रोक

नेपाल की केपी ओली सरकार ने देश के विवादित नक्‍शे वाली किताब के वितरण पर रोक लगा दिया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय और भू प्रबंधन मंत्रालय ने श‍िक्षा मंत्रालय की ओर से जारी इस किताब के विषयवस्‍तु पर गंभीर आपत्ति जताई थी।

नोटबंदी और कृषि बिल के लिए एक ही शख्स के इंटरव्यू के वायरल दावे को ANI एडिटर ने नकारा, कॉन्ग्रेस ने फैलाया ‘झूठ’

इन दिनों सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि समाचार एजेंसी ANI ने हाल ही में पारित किए गए किसान बिल और 2016 में मोदी सरकार द्वारा लाए गए नोटबंदी के लिए एक ही व्यक्ति का इंटरव्यू लिया।

ड्रग तस्कर केशवानी ने पूछताछ में लिया दीया मिर्जा का नाम: NCB बाकी सितारों के साथ उन्हें भी जल्द भेजेगी समन

दीया का नाम पूछताछ के दौरान अनुज केशवानी ने लिया है। केशवानी ने बताया कि दीया की मैनेजर ड्रग्स खरीदती थी। उन्होंने इसके सबूत भी दिए हैं।

व्यंग्य: रवीश जी दुबरा गए हैं, एतना चिंता हो रहा है देस का कि का कहें महाराज!

एक समाज के तौर पर हम कहाँ जा रहे हैं? धरती घूम रही है और हम भी घूम रहे हैं। इसी धरती पर मोदी हमें घुमा रहा है। जबकि लेहरू जी द्वारा भारत को दिए गए विज्ञान की सौगात यही कहती है किसान को किसान ही रहने दो, उसको व्यापारी मत बनाओ।

आयकर विभाग ने उद्धव ठाकरे और उनके बेटे के साथ ही शरद पवार और उनकी बेटी को भेजा नोटिस, गलत जानकारी साझा करने के...

“मुझे अपने चुनावी हलफनामे के बारे में आयकर विभाग से नोटिस मिला। चुनाव आयोग के निर्देश पर, आयकर ने 2009, 2014 और 2020 के लिए चुनावी हलफनामों पर एक नोटिस भेजा है।"

PM मोदी के जन्मदिन पर अपमानजनक वीडियो किया वायरल, सोनू खान को UP पुलिस ने किया अरेस्ट

सोनू खान को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से वह फोन भी बरामद किया गया है, जिससे उसने प्रधानमंत्री मोदी पर अपमानजनक...

हमसे जुड़ें

263,159FansLike
77,976FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements