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‘अंकल जी, सड़ा हुआ सेब भी..’: महुआ मोइत्रा ने राज्यपाल धनखड़ पर की व्यक्तिगत टिप्पणी, कहा- वो BJP के तीर चला रहे

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने महुआ को याद दिलाया कि उन्होंने कभी अपने ही राज्य सरकार की पंचायती योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर ऊँगली उठाई थी। उन्होंने लिखा कि पंचायती विभाग पर निशाना साधने वाली महुआ अब उन पर हमले कर के ममता बनर्जी का विश्वास जीतना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ये लाचारी वाली स्थिति है, जिसमें महुआ जैसे कई योग्य नेता फँसे हुए हैं।

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को बुरा-भला कहा है। उन्होंने राज्यपाल से बहस की। शनिवार (जून 12, 2020) को महुआ ने राज्यपाल पर ‘सड़ा हुआ सेब’ वाला कमेंट किया, जिसके बाद दोनों के बीच शब्दों का वाकयुद्ध शुरू हो गया। इस दौरान महुआ ने सीमाएँ लाँघी। राज्यपाल ने कहा कि महुआ अपनी पार्टी की मुखिया ममता बनर्जी की चहेती बनने के लिए ये सब कर रही हैं।

ये सब शुरू हुआ एक वायरल वीडियो को लेकर। उस वीडियो में कुछ लाशों को दिखाया गया था। कोलकाता पुलिस ने लिखा कि ये कोरोना संक्रमित मरीजों की लाशें नहीं थीं। उसने बताया कि ये ऐसी लाशें थीं, जिनका कोई रिश्तेदारों या परिवार ने क्लेम नहीं किया और उन्हें ही हॉस्पिटल से ले जाया जा रहा था। कोलकाता पुलिस ने उन्हें कोविड-19 के मरीजों की लाशें बताने वाले के ख़िलाफ़ क़ानूनी एक्शन की बात भी कही।

इस घटना को लेकर राज्यपाल ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे शर्मनाक करार दिया था। महुआ ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ममता बनर्जी सरकार पर ‘भाजपा के तीर’ चला रहे हैं और वो भी ऐसे समय में जब राज्य कोरोना वायरस, प्रवासी श्रमिक समस्या और अम्फान तूफ़ान का एक साथ सामना कर रहा है। महुआ मोइत्रा ने इसके बाद कहा कि सड़ा हुआ सेब कभी पेड़ से दूर नहीं गिरता है। कइयों ने इसे अपमानजनक टिप्पणी बताया।

इसके बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने महुआ को याद दिलाया कि उन्होंने कभी अपने ही राज्य सरकार की पंचायती योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर ऊँगली उठाई थी। उन्होंने लिखा कि पंचायती विभाग पर निशाना साधने वाली महुआ अब उन पर हमले कर के ममता बनर्जी का विश्वास जीतना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि ये लाचारी वाली स्थिति है, जिसमें महुआ जैसे कई योग्य नेता फँसे हुए हैं।

इसके बाद महुआ ने राज्यपाल को ‘अंकल जी’ कहते हुए 3 बिंदु गिनाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस आधार पर अपने नेताओं को प्रमोट करती है कि किसके हाथ कितने ख़ून से रंगे हुए हैं। साथ ही उन्होंने राज्यपाल पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि आपका वकालत वाला करियर अच्छा नहीं रहा है, इसीलिए कम से कम राजभवन की प्रतिष्ठा तो बचा कर रखिए। अंत में उन्होंने कहा कि आप राजस्थान के अगले चुनाव में लड़ सकते हैं, इसके लिए फिट रहिए।

बता दें कि कुछ दिनों पहले सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि कई पंचायतें 60% का बजट भी खर्च करने में अक्षम रही है। इसके बाद राज्य के पंचायत मंत्री और उनकी ही पार्टी के नेता सुब्रत मुखर्जी ने मोइत्रा के आरोपों को नकार दिया था। इसी की याद दिलाते हुए राज्यपाल ने बंगाल के ‘कट मनी’ की बात की, जो तृणमूल वाले घूस लेते हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल में कोरोना के कारण स्थिति पहले ही बदतर है।

जुलाई 2019 में ZEE मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता और सांसद महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दायर किया था। मीडिया हाउस ने खुद को कथित तौर पर ‘चोर’ और ‘पेड न्यूज़’ कहने पर यह कदम उठाया था। आरोप था कि मोइत्रा ने ज़ी न्यूज़ के मालिक को चोर और चैनल से जुड़े लोगों को ‘अशिक्षित’ और ‘बुड़बक’ (बेवकूफ़) कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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