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उत्तराखंड सरकार ने किया UCC का पूरा ड्राफ्ट तैयार: संसद के मानसून सत्र में ‘समान नागरिक संहिता’ बिल आने के कयास, नजरें फिर 5 अगस्त पर

दरअसल, जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले धारा 370 और 35A को निरस्त करने को लेकर 5 अगस्त 2019 को संसद में अध्यादेश लाया गया था। इसके बाद अयोध्या में बाबरी ढाँचा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला देने के बाद पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भूमि पूजन किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा भोपाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का पुरजोर समर्थन करने के संसद के बाद इस मॉनसून सत्र में बिल लाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। उधर, उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Singh) सरकार ने UCC का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए एक कमिटी का गठन किया था। इस कमिटी ने बिल का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। ड्राफ्टिंग कमिटी ने शुक्रवार (30 जून 2023) को इसकी घोषणा की।

ड्राफ्टिंग कमिटी की अध्यक्ष एवं सुप्रीम कोर्ट सेवानिवृत जज रंजना प्रकाश देसाई ने UCC को लेकर कहा, “उत्तराखंड के प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का मसौदा अब पूरा हो गया है। ड्राफ्ट के साथ विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट मुद्रित की जाएगी और उत्तराखंड सरकार को सौंपी जाएगी।”

बताते चलें कि उत्तराखंड के राजनीतिक रिवाज को तोड़ते हुए पिछले साल भाजपा ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी और पुष्कर सिंह धामी लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। फरवरी 2022 में शपथ ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने UCC बनाने की घोषणा की थी।

इसके बाद 27 मई 2022 को सीएम धामी ने पूर्व जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में कमिटी बनाने की घोषणा की थी। इस समिति में कुल 5 सदस्य हैं। इस समिति राज्य में जगह-जगह जाकर सभी धर्मों, वर्गों और जातियों के प्रतिष्ठित लोगों से संपर्क और उनसे संवाद के आधार पर ड्राफ्ट तैयार की है।

इधर, संसद के मानसून सत्र में पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने को लेकर केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बिल लाए जानी की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालाँकि, मानसून सत्र कब से कब तक होगा, इसकी अभी घोषणा नहीं की गई। माना जा रहा है कि यह सत्र 17 जुलाई से 10 अगस्त तक चलेगा।

संसद में UCC बिल को लेकर यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार इस बिल को संसद में 5 अगस्त को रख सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि उसने अपनी घोषणा पत्र के जो भी बड़े निर्णय लिए हैं, वह 5 अगस्त को ही लिए हैं।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले धारा 370 और 35A को निरस्त करने को लेकर 5 अगस्त 2019 को संसद में अध्यादेश लाया गया था। इसके बाद अयोध्या में बाबरी ढाँचा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला देने के बाद पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भूमि पूजन किया था।

इस तरह भाजपा के तीन बड़े मुद्दे- धारा 370, राम मंदिर और समान नागरिक संहिता में से दो मुद्दों का समाधान हो चुका है और दोनों मुद्दे 5 अगस्त से संबंधित हैं। अब भाजपा का सिर्फ तीसरा मुद्दा बाकी है। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों को देखते हुए माना जा रहा है कि 5 अगस्त को UCC बिल पेश किया जा सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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