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‘कैराना में नाहिद हसन के साथ गड़बड़ हुई तो हम एक मिनट न लगाएँगे गड़बड़ी करने में’: सपा समर्थक ने दी खुलेआम धमकी, शामली पुलिस ने भेजा जेल

"हमारा चौधरी (नाहिद हसन) जेल से चुनाव लड़ रहा, वहाँ 24 हजार जाट हैं और यहाँ हम 90 हजार, वहाँ जाट कह रहे कि नाहिद को वोट नहीं देंगे, हमारे चौधरी (नाहिद हसन) के साथ कुछ गड़बड़ हुई तो यहाँ हम एक मिनट न लगाएँगे गड़बड़ी करने में।”

उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान की तारीख नजदीक आते ही पश्चिमी यूपी की हॉट सीट कैराना में खुलेआम धमकियों का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नाहिद हसन (Nahid Hassn) के समर्थकों के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह कैराना के जाट वोटरों को धमकी देते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभमणि त्रिपाठी ने शेयर किया है जिसमें सपा प्रत्याशी नाहिद हसन के समर्थक जाटों को धमकियाँ दे रहे हैं।

उन्होंने यह कहते हुए ट्वीट किया कि RLD के जाट प्रत्याशी को खुलेआम धमकाते नाहिद हसन के समर्थक। वीडियो में कहा जा रहा है, “हमारा चौधरी (नाहिद हसन) जेल से चुनाव लड़ रहा, वहाँ 24 हजार जाट हैं और यहाँ हम 90 हजार, वहाँ जाट कह रहे कि नाहिद को वोट नहीं देंगे, हमारे चौधरी (नाहिद हसन) के साथ कुछ गड़बड़ हुई तो यहाँ हम एक मिनट न लगाएँगे गड़बड़ी करने में।”

धमकियों का यह दौर तब और तेज हो गया है जब सोमवार को यूपी चुनाव के लिए सपा ने अपनी 159 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। जिसमें जेल में बंद नाहिद हसन को भी अखिलेश यादव ने कैराना से टिकट थमाया है।

वहीं मामला संज्ञान में आने के बाद शामली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खुलेआम धमकी देने वाले शख्स को सलाखों के पीछे भेज दिया है। और युवक के विरुद्ध चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी जानकारी शामली पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दी है।

इसके अलावा भी एक दूसरा वीडियो कल से ही सोशल मीडिया पर पर वायरल है। इसमें भी जाटों को खुलेआम धमकी दी जा रही है। इसे भी कल 24 जनवरी (सोमवार) को शलभमणि त्रिपाठी ने ट्वीट किया है। वीडियो में कुछ लोग जाटों को धमकाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए शलभमणि त्रिपाठी ने लिखा, “तुम जाट सिर्फ 24 हजार हो, और हम 90 हजार, शामली के जाट सपा और नाहिद हसन के साथ हरकत कर रहे, हम इलाज बांध देंगे, भूस भर देंगे।” हमारे वीर जाट भाइयों को खुलेआम गीदड़ भभकी देते दंगाइयों, बस 10 मार्च तक का इंतज़ार कर लो, बुलडोजर फिर दौड़ेगा।

बता दें कि सपा-रालोद गठबंधन के टिकट बँटवारे के बीच पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर जाट बनाम मुसलमान की लड़ाई तेज होती दिख रही है, जिससे सपा-रालोद गठबंधन को नुकसान का दावा किया जा रहा है। कैराना सीट से दो बार के सपा विधायक रहे नाहिद हसन खड़े हैं। वहीं नाहिद हसन मुजफ्फरनगर जेल में बंद होने के कारण उनकी गैरमौजूदगी में उनकी बहन इकरा हसन चुनाव प्रचार कर रही हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी नेता अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के कैराना में बीजेपी प्रत्याशी मृगांका सिंह के प्रचार की शुरुआत की थी। डोर टू डोर कैंपेन के तहत घर-घर जाकर लोगों से मिले और उन्हें पार्टी के कामों के बारे में बताने वाले पर्चे सौंपे थे। तब गृहमंत्री ने कहा था कि जनवरी 2014 के बाद कैराना आया हूँ, यहाँ के लोग पलायन करते थे। अब लोगों का कहना है कि पलायन कराने वालों का पलायन हुआ है। अब कैराना में कोई भय नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा था कि मोदी जी ने जिन योजनाओं को लागू किया, योगी जी ने उन्हें जमीन तक उतारने का काम किया है। यूपी में तुष्टिकरण, जाति, वंशवाद की राजनीति करने वालों को रोकना है। 2014 के बाद पीएम मोदी ने यूपी के विकास की धुरी अपने हाथ में ली। 2017 में यहाँ भाजपा सरकार बनने के बाद, योगी आदित्यनाथ सीएम बने और विकास को और गति दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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