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‘क्या किसी ने ज़ाकिर नाइक से कहा माफी माँगने के लिए?’: नूपुर शर्मा को मिला राज ठाकरे का समर्थन, हलाल मीट के खिलाफ MNS का अभियान

राज ठाकरे ने इस दौरान अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला और उन्हें याद दिलाया कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने ही ये नियम बनाया था कि गठबंधन में जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे, मुख्यमंत्री भी उसी का बनेगा।

MNS (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) सुप्रीमो राज ठाकरे ने भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने जो बात कही वही बात ज़ाकिर नाइक ने भी कही थी, लेकिन उससे कोई माफ़ी की माँग क्यों नहीं कर रहा? राज ठाकरे ने कहा कि जब से नूपुर शर्मा का बयान आया है, काफी राजनीति हो रही है और कोई उनका समर्थन नहीं कर रहा। बता दें कि राज ठाकरे कुछ दिनों से स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे।

उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय बाद हुई बैठक में ये बातें कही। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा पर माफ़ी माँगने के लिए काफी दबाव बनाया गया, लेकिन ज़ाकिर नाइक से किसी ने माफ़ी माँगने के लिए नहीं कहा। बीमारी से ठीक होने के बाद पार्टी कैडर के बीच पहुँचे राज ठाकरे ने लंबी लड़ाई का आह्वान किया है। उनके कूल्हे की सर्जरी हुई थी। लेकिन, अब निकाय चुनावों से पहले वो सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन के उस बयान का जिक्र करते हुए उस पर भी हमला बोला, जिसमें उसने हिन्दुओं को दी थी।

राज ठाकरे ने इस दौरान अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला और उन्हें याद दिलाया कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने ही ये नियम बनाया था कि गठबंधन में जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे, मुख्यमंत्री भी उसी का बनेगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कह दिया था कि देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री होंगे, तब शिवसेना ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।

राज ठाकरे की पार्टी ने ये भी ऐलान किया है कि वोहलाल मांस के खिलाफ भी अभियान चलाएगी। उसने इसे टेरर फंडिंग से जोड़ते हुए कहा कि हिन्दुओं की आजीविका और राजस्व पर भी इसके कारण गलत असर पड़ा है। मनसे ने कहा कि हलाल मीट आतंकियों को वित्तीय मदद पहुँचाने वाला सबसे बड़ा तंत्र है, ऐसे में न सिर्फ झटका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि शाकाहारी लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। मनसे के ‘व्यापारी सेना’ ने एक खुले खत के माध्यम से अपील की है कि हमारा पैसा आतंकियों की मदद के लिए नहीं जाना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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