Saturday, July 20, 2024
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कहीं दर्जनों परिवारों को करना पड़ा पलायन, कहीं सिर मर मार दी गोली… बंगाल में राजनीतिक हिंसा की जाँच के लिए BJP ने बनाई 4 सदस्यीय समिति, राज्य का करेगी दौरा

पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो चुनाव के बाद हिंसा की चपेट में है, जैसा कि हमने वहाँ 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद देखा था।

लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा की घटनाओं की जाँच के लिए बीजेपी ने एक टीम का गठन किया है। बीजेपी ने त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के नेतृत्व में चार नेताओं की समिति का गठन किया है। यह समिति जल्द ही पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी और हिंसा की घटनाओं की रिपोर्ट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी।

बीजेपी की समिति का संयोजक त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को बनाया गया है। इस चार सदस्यीय समिति में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल और सांसद कविता पाटीदार को भी शामिल किया गया है। समिति के गठन के साथ ही बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा के लिए ममता बनर्जी पर निशाना साधा है।

ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए बीजेपी ने कहा, “भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। लोकसभा आम चुनाव के साथ-साथ तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए और सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। पश्चिम बंगाल को छोड़कर कहीं भी राजनीतिक हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो चुनाव के बाद हिंसा की चपेट में है, जैसा कि हमने वहाँ 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद देखा था।”

बीजेपी ने कहा, “राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूकदर्शक बनी हुई हैं, जबकि उनकी पार्टी के अपराधी बेखौफ होकर विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं पर हमला कर रहे हैं और उन्हें डरा-धमका रहे हैं। कोलकता हाई कोर्ट ने भी इसे गंभीरता से लेते हुए CAPF की तैनाती 21 जून तक बढ़ा दी है और मामले को आगे की समीक्षा के लिए 18 जून को सूचीबद्ध किया है। पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा की घटनाओं का जायजा लेने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो शीघ्र ही पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी तथा हिंसा की घटनाओं की पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगी।”

बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद 5 जून को पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों से चुनाव-पश्चात हिंसा की कई घटनाएँ सामने आईं। उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले और दक्षिण 24 परगना तथा जंगलमहल क्षेत्र के झारग्राम सहित राज्य के कई जिलों में चुनाव-पश्चात हिंसा की घटनाएं सामने आईं। कूचबिहार के नाटाबाड़ी में एक भाजपा समर्थक ने तृणमूल कार्यकर्ता पर बंदूक से हमला किया, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। इलाके में सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा समर्थकों के बीच झड़पें हुईं।

इसके अलावा उत्तर 24 परगना, बैरकपुर, हावड़ा में देशी बम फेंके घए, तो लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद कई पार्टी समर्थकों को संदेशखली से भागना पड़ा। संदेशखली उत्तर 24 परगना में बशीरहाट लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। भाजपा कार्यकर्ताओं के करीब 40 परिवारों ने दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में एक पार्टी कार्यालय में शरण ली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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