Friday, November 27, 2020
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‘हर वक्त मोदी को खलनायक बताने से कुछ नहीं मिलेगा, आपको समझना होगा कि वह कैसे इतने सम्माननीय बने’

"यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझें, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे। इसी के कारण 30% मतदाताओं ने उनकी सत्ता में वापसी करवाई।"

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बयान दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन का मॉडल पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है। इसके साथ ही जयराम नरेश ने कहा कि पीएम मोदी के काम के महत्व को स्वीकार नहीं करना और हर समय उन्हें खलनायक की तरह पेश करके कोई फायदा नहीं होने वाला है।

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार (अगस्त 21, 2019) को कहा- “यह वक्त है कि हम मोदी के काम और 2014 से 2019 के बीच उन्होंने जो किया उसके महत्व को समझें, जिसके कारण वह सत्ता में लौटे। इसी के कारण 30% मतदाताओं ने उनकी सत्ता में वापसी करवाई।” लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को 37.4% वोट मिले, जबकि सत्तारूढ़ NDA को कुल मिलाकर 45% वोट हासिल हुए थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर यह बयान जयराम रमेश ने राजनीतिक विश्लेषक कपिल सतीश कोमीरेड्डी की किताब ‘मालेवॉलेंट रिपब्लिक: ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द न्यू इंडिया’ का विमोचन करते हुए दिए।

जयराम रमेश ने कहा- “वह (मोदी) ऐसी भाषा में बात करते हैं जो उन्हें लोगों से जोड़ती है। जब तक हम यह न मान लें कि वह ऐसे काम कर रहे हैं, जिन्हें जनता सराह रही है और जो पहले नहीं किए गए, तब तक हम इस व्यक्ति का मुकाबला नहीं कर पाएँगे।”

इसके आगे कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि अगर आप हर समय उन्हें (मोदी को) खलनायक की तरह पेश करने जा रहे हैं, तो आप उनका मुकाबला नहीं कर पाएँगे। UPA के दौरान मनमोहन सिंह सरकार में ग्रामीण विकास और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय संभालने वाले जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि वह किसी से प्रधानमंत्री की सराहना या तारीफ करने के लिए नहीं कह रहे है बल्कि वे चाहते हैं कि राजनीतिक वर्ग कम से कम उन बातों को माने जो वह शासन में लेकर आए खासतौर से ‘शासन के अर्थशास्त्र’ के संदर्भ में।

‘शासन की राजनीति पूरी तरह अलग है’

जयराम रमेश ने कहा- “मैं आपको बता दूँ कि जब शासन के अर्थशास्त्र की बात आती है, तो यह पूरी तरह नकारात्मक गाथा नहीं है, शासन की राजनीति पूरी तरह अलग है। मोदी के शासन मॉडल से जिस प्रकार के सामाजिक संबंध सृजित हुए हैं वे भी पूर्णत: भिन्न हैं।” अपने बयान के तर्क में जयराम रमेश ने मोदी सरकार की कुछ उपलब्धियों, जैसे- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUJ) का उदाहरण देते हुए बताया कि वह कैसे प्रधानमंत्री मोदी के लिए सफल साबित हुई।

‘हम सबने मोदी की योजनाओं का मजाक उड़ाया, लेकिन ..’

नरेंद्र मोदी की जनता के बीच पकड़ का उदाहरण देते हुए जयराम रमेश ने कहा- “साल 2019 में राजनीतिक विमर्श में हम सभी ने उनकी एक या दो योजनाओं का मजाक उड़ाया लेकिन सभी चुनावी अध्ययनों में यह सामने आया कि पीएमयूजे अकेली ऐसी योजना रही जो उन्हें करोड़ों महिलाओं से जोड़ पाई। इसने उन्हें ऐसा राजनीतिक खिंचाव दिया जो उनके पास 2014 में नहीं था।” उन्होंने कहा कि पिछले दशक में ऐसा कुछ हुआ जिसने मोदी को 2009 के आम चुनाव में राष्ट्रीय राजनीति में एक मामूली नेता से ऐसा व्यक्ति बना दिया, जिसने लगातार चुनाव जीते।

‘आपको समझना पड़ेगा कि वह कैसे इतने सम्माननीय बने’

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- “हमने अपने पूरे अभियान के दौरान किसानों की हालत के बारे में बात की, लोगों ने माना कि किसान संकट में हैं। लेकिन उन्होंने इसके लिए मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया। आपने देखा कि उसके बाद चुनाव नतीजों में क्या हुआ। आपको समझना पड़ेगा कि वह कैसे इतने सम्माननीय बने।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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