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‘RSS पर बैन लगाओ, भारत के साथ सारे व्यापार रोको’: खालिस्तानियों को मिला इस्लामी संगठन का साथ, कनाडा के मुस्लिम काउंसिल ने कहा – ‘भारत के राजदूत को निकालो’

NCCM ने 'विश्व सिख संगठन' (WSO) के साथ मिल कर जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडाई सरकार को भारत के खिलाफ 4 सूत्रियाँ माँगों का फरमान सुनाया है।

अज्ञात हमलावरों द्वारा मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को अपने देश का नागरिक मानते हुए कनाडा सरकार ने 19 सितंबर को भारत के एक शीर्ष राजनयिक को निष्कासित कर दिया था। भारत से अपने अच्छे राजनयिक रिश्तों को आघात पहुँचाते हुए कनाडा की ट्रूडो सरकार ने इस हत्या में भारत सरकार के एजेंटों की भूमिका होने की आशंका जताई थी। कनाडा की सरकार के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से बने हालात का फायदा भारत विरोधी विदेशी ताकतों ने अपने हिसाब से उठाने की कोशिशें शुरू कर दीं हैं।

इस मामले में अब नेशनल काउंसिल ऑफ कैनेडियन मुस्लिम्स (एनसीसीएम) की इंट्री हुई है। NCCM ने ‘विश्व सिख संगठन’ (WSO) के साथ मिल कर जस्टिन ट्रूडो के नेतृत्व वाली कनाडाई सरकार को भारत के खिलाफ 4 सूत्री माँगों का फरमान सुनाया है। इन माँगों में भारत में कनाडा के राजदूत को तुरंत वापस बुलाना, कनाडा में भारतीय राजदूत को निष्कासित करना, भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक वार्ता पर रोक लगाना और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाना शामिल हैं।

NCCM ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्रम एकाउंट पर इस बावत एक पोस्ट साझा की है। पोस्ट में लिखा, “आज एनसीसीएम के सीईओ स्टीफन ब्राउन और कनाडा के विश्व सिख संगठन निदेशक मुखबीर सिंह ने मिल कर कनाडा सरकार से भारतीय एजेंटों द्वारा हरदीप सिंह निज्जर की हुई कथित हत्या पर कार्रवाई की माँग की।” एक अन्य फेसबुक पोस्ट में एनसीसीएम ने लिखा, “हम एक साथी कनाडाई के हत्यारों को न्याय के कटघरे में लाने की माँग करते हैं।” कनाडा के इस्लामी और चरमपंथी सिख संगठन ने मिल कर भारत से सभी तरह से राजनयिक संबंधों को खत्म करने की भी माँग की है।

NCCM की मीडिया एडवाइजरी

एनसीसीएम का यह बयान ट्रूडो के बयान के तुरंत बाद आया है। सबसे हैरानी की बात ये है कि इस भारत विरोधी इस्लामी समूह ने अपनी सोच वाले विश्व सिख संगठन के साथ मिल कर ओटावा के हाउस ऑफ कॉमन्स में प्रेस कांफ्रेंस भी की। कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स में NCCM गैंग किस हैसियत से संवाददाता सम्मेलन कर रहा है ये एक बड़ा सवाल है। यह सवाल वर्तमान ट्रूडो प्रशासन के नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल खड़े करता है।

दरअसल, NCCM और WSO जैसे कई अन्य संगठन हैं जो परोक्ष तौर पर ट्रूडो सरकार को कठपुतली की तरह नचा रहे हैं। इन्ही असामाजिक समूहों के दबाव में वर्तमान कनाडा सरकार आत्मघाती कदम उठा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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