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चीन की 80% आबादी कोरोना संक्रमित, छिपाए जा रहे मौत के आँकड़े: प्रदर्शनकारियों ने एंटीजन बॉक्स पर लात मारी, सैंपल सड़कों पर फैले

चीन ने कहा था कि इस लहर में 60 हजार लोगों की मौत हुई है। हालाँकि, विशेषज्ञ इन सरकारी आँकड़ों को सही नहीं मान रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह आँकड़ा केवल अस्पताल में मरने वालों का है। लोग लोग कोविड से संक्रमित होकर घर में मर जाते हैं, उनकी गिनती नहीं की जाती है।

कोविड (Covid-19) की मार झेल रहा चीन परेशान है। चीन ने कहा है कि उसकी 80 प्रतिशत जनसंख्या कोरोना (Corona) से संक्रमित हो चुकी है। अब नई लहर की आशंका कम है। वहीं, चीनी कोविड कार्यकर्ताओं ने एंटीजेन टेस्ट के बॉक्स को सडकों पर फेंक कर अपना विरोध प्रदर्शन किया।

चीन के एक सरकारी वैज्ञानिक ने शनिवार (21 जनवरी 2023) को कहा कि अगले तीन महीनों में चीन में दोबारा कोविड बढ़ने की संभावना कम है। वैज्ञानिक ने कहा कि इसके पीछे वजह यह है कि यहाँ के 80% लोग संक्रमित हो चुके हैं।

चाईना सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुख्य महामारी वैज्ञानिक ने कहा कि ल्यूनर नव वर्ष की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सफर किया। इसके कारण महामारी फैल सकती है और कुछ क्षेत्रों में संक्रमण बढ़ सकता है। हालाँकि, कोविड की नई लहर की आशंका से उन्होंने इनकार किया।

बता में जीरो कोविड पॉलिसी को लेकर वहाँ के लोगों ने भारी विरोध किया था। इसके कारण चीन ने कोविड प्रतिबंधों में ढील थी और बाद में लगभग सारे प्रतिबंध हटा लिए थे। सीमा को एक बार फिर खोल दिया गया। इसके बाद भारी संख्या में लोग मिले।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक अधिकारी ने था कि चीन ने क्लीनिक, आपातकालीन कक्ष और गंभीर स्थिति में कोविड मरीजों की संख्या की चरम सीमा को पार कर लिया है। लगातार यहाँ पर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

उधर, एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कोविड कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे है। मामला दक्षिण-पश्चिमी चीन के चोंगकिंग शहर का है। यहाँ कार्यकर्ताओं ने रैपिड एंटीजन टेस्ट के बॉक्स को लात मारकर जमीन पर फेंक दिया, जिससे हजारों टेस्ट फैल गए।

चीन ने कहा था कि इस लहर में 60 हजार लोगों की मौत हुई है। हालाँकि, विशेषज्ञ इन सरकारी आँकड़ों को सही नहीं मान रहे हैं। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यह आँकड़ा केवल अस्पताल में मरने वालों का है। लोग लोग कोविड से संक्रमित होकर घर में मर जाते हैं, उनकी गिनती नहीं की जाती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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