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800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

"देश भर से कई लोग, जिनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला, उन लोगों ने या तो इस मजहबी सभा में हिस्सा लिया था या फिर इसमें शामिल होने वाले लोगों के संपर्क में आए थे।"

इंडोनेशिया के लगभग 800 इस्लामिक प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लिया है। ये सारे पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और इस महीने दिल्ली में तीन दिवसीय मजहबी सम्मेलन में भाग लिया था।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने द हिंदू को बताया कि दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तबलीगी जमात के मुख्यालय अलमी मरकज बंगलेवाली मस्जिद में इस महीने की शुरुआत में देश भर से लगभग 8,000 लोग शामिल हुए थे। अधिकारी ने बताया कि देश भर से कई लोग, जिनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव निकला, उन लोगों ने या तो इस मजहबी सभा में हिस्सा लिया था या फिर इसमें शामिल होने वाले लोगों के संपर्क में आए थे।

अधिकारी ने कहा, “वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।” बता दें कि भारत और इंडोनेशिया के बीच वीजा की व्यवस्था है। इसके तहत और नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा की अनुमति है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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