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5 साल पहले दिल्ली में पकड़ा गया था काबुल एयरपोर्ट का हमलावर, 200 लोगों की चली गई थी जान: ISIS-K का खुलासा

इस हमले में करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस-के ने ली थी।

पिछले महीने काबुल एयरपोर्ट पर हमला करने वाले आत्मघाती हमलावर को लेकर इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) ने बड़ा खुलासा किया है। आईएसआईएस-के ने अपनी पत्रिका के नए अंक में दावा किया है कि अगस्त 2021 में काबुल एयरपोर्ट पर हमला करने वाला आत्मघाती हमलावर 5 साल पहले भारत में पकड़ा गया था। उन्होंने बताया कि हमलावर को गिरफ्तार कर दिल्ली की जेल में भेज दिया गया था और फिर बाद में उसे अफगानिस्तान भेज दिया गया।  

मालूम हो कि अफगानिस्तान पर तालिबानी शासन के बाद आईएसआईएस-के ने 26 अगस्त 2021 को काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर आत्मघाती हमला किया था। इस हमले में करीब 200 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक भी शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी आईएसआईएस-के ने ली थी।

ISIS-K ने दावा किया कि अब्दुर रहमान अल-लोगरी नाम के आत्मघाती हमलावर को भारत में 5 साल पहले (2016) पकड़ा गया था, जब वह ‘कश्मीर का बदला लेने के लिए’ हमला करने के लिए दिल्ली लाया गया था। जेल में सजा काटने के बाद उसे फिर से अफगानिस्तान भेज दिया गया था। यह वही आतंकी था, जिसने अमेरिकी सेना की मदद से काबुल एयरपोर्ट से निकाले जा रहे लोगों को पर हमला किया था।

आईएसआईएस-के 2020 से अपनी पत्रिका प्रकाशित करना जारी रखे हुए है। फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों के दौरान भी उसने एक संस्करण निकाला था। बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आईएसआईएस-के के साथ कथित रूप से संबंध रखने के आरोप में एक कश्मीरी दंपत्ति जहांजैब सामी (36) और उसकी पत्नी हिंडा बशीर बेघ (39) को गिरफ्तार किया था।

एनआईए द्वारा मामले को अपने हाथों में लेने और उन सभी को चार्जशीट करने से पहले इसी तरह के आरोपों में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अब तक पूरे भारत में ISIS-K की प्रोपेगेंडा मैगजीन से जुड़े एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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