न्यूयॉर्क सिटी मेयर पद के उम्मीदवार और हिंदू विरोधी विचारधारा रखने वाले जोहरान ममदानी एक बार फिर चर्चा में हैं। ममदानी अब वह चुनाव जीतने के लिए भारतीय-अमेरिकी वोटरों को लुभाने के लिए दाँव खेल रहे हैं। दिवाली के मौके पर ममदानी ने हिंदू समुदाय से मुलाकात की और पहले दिए अपने विवादित बयानों पर सफाई दी। एक दिन पहले ही वह एक विवादित मौलवी के साथ भी ममदानी ने तस्वीर डाली थी, जिस पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप था। ममदानी आखिर कैसे नेता हैं और अपने हिंदू विरोधी बयानों के बावजूद वह चुनाव जीतने के लिए क्या-क्या तरीके अपना रहे हैं, आइए जानते हैं।
चुनावी जीत के लिए ममदानी के हथकंडे
ममदानी को लगता है कि हिंदू-अमेरिकी वोट निर्णायक हो सकता है, इसलिए वह मंदिर-मंदिर जाकर अपने बयानों पर सफाई दे रहे हैं। ममदानी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी का यह नजरिया है कि देश में ‘केवल कुछ खास तरह के भारतीयों के लिए ही जगह है।’
SHOCKER ? New York mayoral candidate Zohran Mamdani criticizes PM Modi ?
— Times Algebra (@TimesAlgebraIND) October 22, 2025
He said "I have ALWAYS been critical of Modi" ?
"I grew up believing in an India that welcomes everyone but Modi and the BJP only have space for a select few" pic.twitter.com/5EIsClIird
ममदानी ने खुद को ‘बहुलवादी’ बताया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे भारत में बड़े हुए हैं जहाँ सभी धर्मों के लोग साथ रहते थे। वह अपने पुराने हिंदू विरोधी बयानों को बहुलवाद के पक्ष में उठाया गया कदम बता रहे हैं। ममदानी ने यह भी कहा कि भले ही बहुत से लोग पीएम मोदी को लेकर उनसे असहमत हों, फिर भी मेयर बनने के बाद वह सभी का समान रूप से प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बयान भारतीय-अमेरिकी वोटरों को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जो हिंदू विरोधी बयानबाजी करने पर ममदानी पर भड़के थे।
ममदानी हाल ही में इमाम सिराज वहाज से मिले थे। वहाज पर 1993 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बम धमाके के साजिशकर्ताओं से जुड़े होने का आरोप है। इस मुलाकात के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कई नेताओं ने ममदानी की कड़ी आलोचना की थी।
पुराने विवाद, जो बताते हैं उनकी सोच
मेयर चुनाव से पहले ममदानी का एक पुराना वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा था और उन्हें ‘युद्ध अपराधी’ बताया था। एक और पुराने वीडियो में ममदानी ने आरोप लगाया था कि गुजरात से मुस्लिमों को ‘मिटा’ दिया गया, और ‘अब लोगों को लगता ही नहीं कि हम मौजूद हैं।’ ममदानी ने एक कार्यक्रम में पीएम मोदी की तुलना इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से करते हुए दोनों को ‘युद्ध अपराधी’ कहा था।
इसके अलावा, ममदानी ने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन को ‘मस्जिद के विध्वंस का उत्सव’ और ‘उत्पीड़न का हथियार’ बताया था। यह बयान करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला था।
सच नहीं बोल पा रहे ममदानी
जोहरान ममदानी के भारत पर दिए गए बयान सिर्फ झूठ नहीं हैं, बल्कि उनकी रणनीति का हिस्सा हैं। उनका दावा है कि गुजरात के मुसलमान ‘गुजरात छोड़ चुके हैं,’ जबकि वहाँ आज भी 50 लाख से ज्यादा मुस्लिम है। ममदानी ऐसा क्यों कहते हैं? यही कारण है कि वह मोदी विरोधी कट्टरपंथियों को खुश करने के लिए झूठ फैलाते हैं, फूट डालने का खेल खेलते हैं और अपने कट्टरपंथ को साफ करने की कोशिश करते हैं।
ममदानी का खेल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। वे BDS (बॉयकॉट, डिवेस्टमेंट, और सैंक्शन्स) की आलोचना करने से बचते हैं, आतंकी समूहों की तारीफ करते हैं और ‘इंतिफ़ादा’ को ग्लोबलाइज करने की बात करते हैं, जो न्यू यॉर्क में यहूदी समुदाय के लिए खतरनाक हो सकता है।
ममदानी का विजन खासतौर पर भारत में अफरा-तफरी फैलाना और विदेशों में तोड़फोड़ करने का है। इस सच को झुठलाया नहीं जा सकता कि मोदी एक राष्ट्र का नेतृत्व कर रहे हैं और बेहतरीन लीडर के रूप में साबित हो रहे है, लेकिन ममदानी सच बोलने की बजाय बस भ्रम और विवाद फैलाने में व्यस्त हैं।


