Saturday, July 31, 2021
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Article 370: रूस भी भारत के साथ, कहा- संवैधानिक दायरे में मोदी सरकार का फैसला

रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते सामान्य रखने का लगातार समर्थन किया है। तथ्यों की गहन पड़ताल करने के बाद वह इस फैसले पर पहुँचा है कि भारत ने अपने संविधान के दायरे में रहते हुए फैसला किया है।

जम्मू-कश्मीर के ताज़ा घटनाक्रम पर रूस ने पाकिस्तान को करारा झटका देते हुए भारत के क़दम का समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि जम्मू कश्मीर पर भारत द्वारा लिया गया निर्णय भारतीय संविधान के अनुरूप है।

इससे पहले इस मसले पर तालिबान ने पाकिस्तान को लताड़ा था और चीन ने भी निराश किया था। रूस के ने कहा है कि उसने भारत-पाकिस्तान के बीच रिश्ते सामान्य रखने का लगातार समर्थन किया है। तथ्यों की गहन पड़ताल करने के बाद वह इस फैसले पर पहुँचा है कि भारत ने अपने संविधान के दायरे में रहते हुए फैसला किया है। साथ ही उसने दोनों देशों को बातचीत और कूटनीति के माध्यम से द्विपक्षीय मसलों को सुलझाने की सलाह दी और आशा जताई कि हालत सामान्य हो जाएँगे। रूस ने कहा है, “उसे उम्मीद है कि जम्मू -कश्मीर पर ताजा निर्णय के बाद भारत और पाकिस्तान इलाके में हालात बिगड़ने नहीं देंगे।”

रूस का खुलकर साथ आना पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग करने में लगे भारत की कूटनीतिक जीत भी है। बता दें कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अहम प्रावधानों को निरस्त कर विशेष राज्य का दर्जा समाप्त कर दिया है। राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया है। जहाँ जम्मू कश्मीर विधायिका सहित यूटी होगा वहीं लद्दाख विधायिका रहित यूटी होगा।

पाकिस्तान ने भारत के इस निर्णय पर आपत्ति जताई और वहाँ की संसद में इसे लेकर बहस भी हुई। उसने संयुक्त राष्ट्र में शिकायत करने की धमकी दी है। हालाँकि, UNSC उसकी प्रतिक्रिया पर टिप्पणी से इनकार कर चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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