Tuesday, September 28, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'शवों के साथ भी सेक्स करते हैं तालिबानी': अफगान पुलिस में थी महिला, भागकर...

‘शवों के साथ भी सेक्स करते हैं तालिबानी’: अफगान पुलिस में थी महिला, भागकर भारत आई

पीड़िता ने कहा, “वे शवों का भी बलात्कार करते हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह व्यक्ति जिंदा है या नहीं... क्या आप इसकी कल्पना कर सकते हैं?” मुस्कान ने कहा कि अगर कोई महिला सरकार के लिए पुलिस फोर्स में काम करेगी तो उसका यही हाल होगा।

अफगानिस्तान से भारत आई एक महिला ने खुलासा किया है कि तालिबानी शवों के साथ भी सेक्स करते हैं। अफगानी महिला मुस्कान ने News18 के साथ बातचीत में यह खुलासा किया है। मुस्कान अफगानिस्तान में पुलिस फोर्स में काम करती थीं। वह काबुल में तैनात थीं, लेकिन तालिबान के खौफ से उन्हें देश छोड़ना पड़ा। वह फिलहाल तालिबान के डर से भारत आई है और नई दिल्ली में रह रही है। 

मुस्कान ने खुलासा किया कि तालिबान या तो महिलाओं को उठा कर ले जाते थे या फिर उसे गोली मार देते थे। वह डायरेक्टली शूट करते थे। मुस्कान ने बताया कि तालिबान ने कल ही एक महिला को उठाया था। उनके मुताबिक, तालिबान को हर परिवार से महिलाएँ चाहिए।

अफगानिस्तान में मुस्कान की जान को खतरा था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपनी नौकरी छोड़कर देश से भागना पड़ा। मुस्कान ने कहा, “जब हम वहाँ थे, हमें कई चेतावनी मिली। यदि आप काम पर जाते हैं तो आप खतरे में हैं, आपका परिवार खतरे में है। एक के बाद वे कोई चेतावनी नहीं देते थे। वे या तो उठा कर ले जाते थे या फिर सीधा गोली मार देते थे।”

उन्होंने आगे कहा, “वे शवों का भी बलात्कार करते हैं। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह व्यक्ति जिंदा है या नहीं… क्या आप इसकी कल्पना कर सकते हैं?” मुस्कान ने कहा कि अगर कोई महिला सरकार के लिए पुलिस फोर्स में काम करेगी तो उसका यही हाल होगा।

2018 में भारत आई एक अन्य महिला ने कहा कि उसके पिता की तालिबानियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, क्योंकि वह पुलिस के लिए काम करते थे। उसके चाचा को भी गोली मार दी गई, क्योंकि वह अफगान सेना में एक डॉक्टर के रूप में काम करते थे।

इससे पहले, यह बताया गया था कि अफगानिस्तान में लड़कियों के बोर्डिंग स्कूल के सह-संस्थापक ने तालिबान द्वारा कब्जे के बाद देश में महिलाओं के उत्पीड़न के डर के बीच अपनी छात्राओं और उनके परिवारों की रक्षा करने की माँग करने वाले अपने सभी दस्तावेजों को आग लगा दी। स्कूल ऑफ लीडरशिप अफगानिस्तान (SOLA) की प्रिंसिपल शबाना बसिज-रसिख ने कहा कि उनका उद्देश्य उन्हें खत्म करना नहीं था, बल्कि छात्रों और उनके परिवारों को तालिबान से बचाना था।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महंत नरेंद्र गिरि के मौत के दिन बंद थे कमरे के सामने लगे 15 CCTV कैमरे, सुबूत मिटाने की आशंका: रिपोर्ट्स

पूरा मठ सीसीटीवी की निगरानी में है। यहाँ 43 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 15 सीसीटीवी कैमरे पहली मंजिल पर महंत नरेंद्र गिरि के कमरे के सामने लगाए गए हैं।

देश से अवैध कब्जे हटाने के लिए नैतिक बल जुटाना सरकारों और उनके नेतृत्व के लिए चुनौती: CM योगी और हिमंता सरमा ने पेश...

तुष्टिकरण का परिणाम यह है कि देश के बहुत बड़े हिस्से पर अवैध कब्जा हो गया है और उसे हटाना केवल सरकारों के लिए कानून व्यवस्था की चुनौती नहीं बल्कि राष्ट्रीय सभ्यता के लिए भी चुनौती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
124,789FollowersFollow
410,000SubscribersSubscribe