Monday, June 17, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयतालिबान ने भारत के साथ आयात-निर्यात पर लगाई रोक: FIEO; ₹10000 करोड़ का कारोबार...

तालिबान ने भारत के साथ आयात-निर्यात पर लगाई रोक: FIEO; ₹10000 करोड़ का कारोबार व ₹22000 करोड़ का निवेश प्रभावित

चीनी, दवाइयाँ, कपड़े, चाय, कॉफी, मसाले और ट्रांसमिशन टॉवर जैसी वस्तुएँ अफगानिस्तान में भारत से जाती हैं। ड्राई फ्रूट्स, गम और प्याज अफगानिस्तान से भारत आते हैं। इनके दाम काफी बढ़ने की आशंका है।

तालिबान ने रविवार (15 अगस्त, 2021) को अफगानिस्तान पर कब्जे के साथ ही भारत के साथ आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है। ‘फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO)’ के डायरेक्टर जनरल (DG) डॉक्टर अजय सहाय ने कहा कि पाकिस्तान से ट्रांजिट रूट के जरिए कार्गो की आवाजाही को तालिबान ने रोक दिया है। इससे भारत के साथ उसके आयात-निर्यात पर रोक लग गई है।

उन्होंने कहा, “हमने अफगानिस्तान की प्रतिस्थितियों व घटनाक्रम पर करीबी नजर रखी हुई है। पाकिस्तान के ट्रांजिट रूट के जरिए ही वहाँ से वस्तुएँ आती थीं। फ़िलहाल तालिबान ने पाकिस्तान के रास्ते से कार्गो की आवाजाही पर रोक लगाई हुई है। इसीलिए, वहाँ से आयात फ़िलहाल रुका हुआ है।” बता दें कि कारोबार और निवेश के मामले में भारत व अफगानिस्तान का रिश्ता काफी पुराना रहा है।

सहाय ने आगे जानकारी दी, “वस्तुतः हम अफगानिस्तान के सबसे बड़े साझीदारों में से एक हैं। 2021 में हमारा अफगानिस्तान को निर्यात 835 मिलियन डॉलर (6208.39 करोड़ भारतीय रुपए में) का रहा था। हमने अफगानिस्तान से 510 मिलियन डॉलर (3791.95 करोड़ रुपए) के सामान आयात किए। सिर्फ कारोबार ही नहीं, अफगानिस्तान में हमारा बड़ा निवेश भी है। वहाँ हमने 300 करोड़ डॉलर (22 हजार करोड़ रुपए) का निवेश कर रखा है।”

उन्होंने जानकारी दी कि फ़िलहाल अफगानिस्तान में 400 ऐसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनसे भारत जुड़ा हुआ है और जिनमें भारत का निवेश है। कुछ समान नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर से आयात किए जाते हैं, जो अभी चालू है। दुबई के माध्यम से आने-जाने वाले सामानों को भी कोई दिक्कत नहीं हो रही। चीनी, दवाइयाँ, कपड़े, चाय, कॉफी, मसाले और ट्रांसमिशन टॉवर जैसी वस्तुएँ अफगानिस्तान में भारत से जाती हैं।

वहीं वहाँ से मुख्यतः फल वगैरह भारत आते हैं। ड्राई फ्रूट्स, गम और प्याज अफगानिस्तान से भारत आते हैं। हालाँकि, FIEO को उम्मीद है कि भारत-अफगानिस्तान का कारोबार चलता रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए वो लोग कारोबार नहीं रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर नई सत्ता को राजनीतिक मान्यता चाहिए तो इसमें भारत का बड़ा किरदार होगा। अगले कुछ दिनों में भारत में ड्राई फ्रूट्स के दाम काफी बढ़ने की आशंका है।

ये उन लोगों को करारा तमाचा है, जो ये कह रहे हैं कि तालिबान से भारत को क्या नुकसान है। आयात-निर्यात रुकने से न सिर्फ भारत को नुकसान है, बल्कि अफगानिस्तान के लोगों को भी इसके दुष्परिणाम झेलने पड़ेंगे। भारतीय और अफगानिस्तानी, दोनों जगह के कारोबारियों को नुकसान होगा। साथ ही हजारों करोड़ रुपयों का भारतीय निवेश भी आधार में लटक गया है। इससे भी दोनों देशों का नुकसान है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बकरों के कटने से दिक्कत नहीं, दिवाली पर ‘राम-सीता बचाने नहीं आएँगे’ कह रही थी पत्रकार तनुश्री पांडे: वायर-प्रिंट में कर चुकी हैं काम,...

तनुश्री पांडे ने लिखा था, "राम-सीता तुम्हें प्रदूषण से बचाने के लिए नहीं आएँगे। अगली बार साफ़-स्वच्छ दिवाली मनाइए।" बकरीद पर बदल गए सुर।

पावागढ़ की पहाड़ी पर ध्वस्त हुईं तीर्थंकरों की जो प्रतिमाएँ, उन्हें फिर से करेंगे स्थापित: गुजरात के गृह मंत्री का आश्वासन, महाकाली मंदिर ने...

गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि किसी भी ट्रस्ट, संस्था या व्यक्ति को अधिकार नहीं है कि इस पवित्र स्थल पर जैन तीर्थंकरों की ऐतिहासिक प्रतिमाओं को ध्वस्त करे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -