Tuesday, July 16, 2024
Homeरिपोर्टमीडियाक्या दुबई की अल्पेन कैपिटल की अधिकारी समीना अहमद ही ALT News की तीसरी...

क्या दुबई की अल्पेन कैपिटल की अधिकारी समीना अहमद ही ALT News की तीसरी को-फाउंडर हैं? जानें सच्चाई

सैम जावेद ब्लॉगस्पॉट पर “क्रिटिकल आई” नाम से एक ब्लॉग चलाती थीं। ये सभी पोस्ट हटा दी गई हैं, लेकिन आर्काइव को यहाँ से एक्सेस किया जा सकता है। ऑपइंडिया ने समीना अहमद से इस बात की पुष्टि करने के लिए संपर्क किया कि क्या वह ऑल्ट न्यूज़ की वही तीसरी 'को-फ़ाउंडर' हैं। यदि हम उससे वापस सुनते हैं तो हम लेख को अपडेट करेंगे।

ट्विटर पर samjawed65 के हैंडल वाले सैम जावेद ने कई बार दावा किया है कि वह ऑल्ट न्यूज़ (ALT News) के सह-संस्थापक हैं। हालाँकि, यह पदनाम सभी संभावित जगहों एवं संसाधनों से हटा दिया गया है। हालाँकि, समय-समय पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस शख्स की पहचान को लेकर चर्चाएँ होती रही हैं।

SamSays के नाम से पहचाने जाने वाले सैम जावेद ने ऑल्ट न्यूज़ के लिए आखिरी लेख जनवरी 2021 में लिखा था।

ऑल्ट न्यूज के लिए लिखा गया सैम जावेद का आखिरी लेख

आखिरी बार सैम ने 29 दिसंबर 2022 को मोहम्मद जुबैर के जन्मदिन पर ट्विटर पर ऑल्ट न्यूज़ के लोगों से बातचीत की थी। ज़ुबैर ने उसे बताया कि उसके ट्विटर थ्रेड वह याद कर रहा है। इस पर उसने जवाब दिया था, “धन्यवाद! लेकिन और भी गम हैं जमाने में, ट्विटर के सिवा।”

जुबैर के साथ सैम जावेद का अंतिम बातचीत

एक तरफ जुबैर और प्रतीक के बारे में प्रशंसा लिखी गई है, वहीं सैम जावेद का शायद ही कहीं कोई उल्लेख हो। ऐसा तब है, जबकि उसकी पहचान पहले सह-संस्थापकों में से एक के रूप में की जा चुकी हो। जब डॉक्यूमेंट्री बनाई जाती है या जब ‘नोबेल’ नामांकन की घोषणा की जाती है तो सैम जावेद उस समय अनुपस्थित रहती हैं।

जब हमने सैम जावेद की पहचान को लेकर जाँच शुरू की तो हमें दुबई की अल्पेन कैपिटल में कॉरपोरेट अफेयर्स की प्रबंध निदेशक समीना अहमद की प्रोफाइल मिली। सैम जावेद अपने लिए जिस तस्वीर का उपयोग करती हैं, उस तस्वीर और समीना अहमद की तस्वीर में आश्चर्यजनक समानताएँ हैं।

यह सैम जावेद द्वारा ट्विटर पर इस्तेमाल की गई तस्वीर है और साथ में समीना अहमद की तस्वीर है। आप खुद उनके के बीच की समानता देख सकते हैं।

अल्पेन कैपिटल में समीना अहमद की तस्वीर (बाएँ) और ट्विटर पर सैम जावेद की तस्वीर (दाएँ)

अल्पेन पर समीना की प्रोफाइल में लिखा है, “समीना कॉर्पोरेट मामलों के कार्य की प्रमुख हैं, जो मध्य-पूर्व और भारत में अल्पेन कैपिटल ग्रुप में मार्केटिंग, पब्लिक रिलेशंस और एडमिनिस्ट्रेशन के लिए जिम्मेदार है। वह उद्योग अनुसंधान कार्य के लिए भी जिम्मेदार हैं, जो GCC में विभिन्न क्षेत्रों पर अल्पेन कैपिटल की अत्यधिक प्रशंसित उद्योग अनुसंधान रिपोर्ट प्रकाशित करती है। समीना 12 वर्षों से अल्पेन कैपिटल के साथ हैं और संयुक्त अरब अमीरात और भारत में वित्तीय उद्योग में मानव संसाधन/विपणन का कुल 34 वर्षों का अनुभव है। अपनी पिछली नियुक्ति में वह मशरेकबैंक में मानव संसाधन की SVP थीं। वह भारत में जेवियर्स इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर में फैकल्टी मेेंबर थीं।”

इसके अलावा, जब हमने समीना अहमद के बारे में जानकारी खोजने के लिए विभिन्न स्रोतों की जाँच की तो हमें समीना की एक रॉकेट रीच (Rocket Reach) प्रोफ़ाइल मिली, जिसमें दो ईमेल आईडी का उल्लेख किया गया था। एक था [email protected] और दूसरा था [email protected]। इससे यह विश्वास होता है कि अल्पेन कैपिटल की प्रबंध निदेशक समीना अहमद इस्लामवादी प्रचार वेबसाइट ऑल्ट न्यूज़ की तीसरी को-फ़ाउंडर हैं।

रॉकेट रीच प्रोफाइल में समीना का पर्सनल ईमेल आईडी सैम जावेद से जुड़ा हुआ है।

हमें समीना अहमद नाम की एक शख्स का फोन नंबर भी मिला। जब हमने TrueCaller के जरिए नंबर चलाया तो उसमें ईमेल आईडी [email protected] बताई गई।

समीना नाम के एक मोबाइल नंबर को ट्रूकॉलर पर देखने पर उससे सैम जावेद की ईमेल आईडी जुड़ी मिली

सोशल मीडिया पर सैम जावेद का मामला

नेटिज़न्स वर्षों से पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सैम जावेद कौन है। 14 जुलाई 2022 को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर की ज़मानत की सुनवाई के दौरान ऑल्ट न्यूज़ से जुड़े सऊदी अरब में रहने वाले किसी व्यक्ति का ज़िक्र हुआ था। नेटिज़ेंस ने उत्सुकता से पूछा कि क्या यह सैम जावेद था।

ट्विटर उपयोगकर्ता BefittingFacts ने पूछा, “ऑल्ट न्यूज़ के शोधकर्ता @samjawed65 इन दिनों कहाँ हैं? उन्होंने 1 जुलाई से कुछ भी ट्वीट नहीं किया है। @free_thinker सब अच्छा है? क्या वह वही हैं, जिसका जिक्र आज अदालत में ‘सऊदी अरब में रह रही हैं’ के रूप में ज़िक्र हुआ है? आपके शोधकर्ता के बारे में कोई पारदर्शिता क्यों नहीं है? छिपाने के लिए क्या है?”

20 मई 2021 को एक्टिविस्ट और खोजी पत्रकार विजय पटेल ने सैम जावेद पर एक विस्तृत थ्रेड लिखा था।

उन्होंने कहा कि सैम जावेद ने ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक होने का दावा किया है, लेकिन उनका नाम किसी भी दस्तावेज़ में नहीं आया है। ऑल्ट न्यूज़ की मूल कंपनी प्रावदा मीडिया फाउंडेशन के निदेशकों की सूची में सैम जावेद का नाम नहीं था।

पटेल ने कहा कि कंपनी के निदेशकों में से एक द्वारा आईडी का उपयोग प्रॉक्सी के रूप में किया गया हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि कैसे सैम जावेद ने कॉन्ग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड, द क्विंट, द वायर, स्क्रॉल, न्यूज़लॉन्ड्री, न्यूज़क्लिक सहित अन्य प्रकाशनों के लिए कई रिपोर्ट लिखीं।

विजय पटेल को जवाब देते हुए OSINT द हॉक आई ने लिखा, “यह काफी दिलचस्प है। सैम को छोड़कर हर दूसरे लेखक/संपादक/सह-संस्थापक का संक्षिप्त परिचय और पृष्ठभूमि है।”

इससे पहले 2017 में एक ट्विटर यूजर ने प्रतीक सिन्हा को जवाब देते हुए आरोप लगाया था कि सैम जावेद तीस्ता की दुबई की दोस्त है। उन्होंने लिखा, “आप दुबई में रहने वाली हिटवुमन सैम जावेद (तीस्ता पाल) से कैसे पूछ सकती हैं, जिनकी बुद्धिमत्ता डैम अचयन पर निर्भर करती है, राडिया टेप में वीनस की भूमिका का पर्दाफाश करने के लिए?”

क्या सैम जावेद ऑल्ट न्यूज की को-फाउंडर हैं

द प्रिंट और स्कूपव्हूप सहित कई पोर्टल्स ने सैम जावेद को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक के रूप में उल्लेख किया था। हालाँकि, नेटिज़न्स ने ऑल्ट न्यूज़ से सैम जावेद के लिंक पर संदेह व्यक्त किया है, लेकिन हमें जुलाई 2017 की द हिंदू की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें उनका उल्लेख किया गया था। उस खास रिपोर्ट में मोहम्मद जुबैर की पहचान भी छिपाई गई थी।

रिपोर्ट में ‘अनऑफिशियल सुब्रमण्यम स्वामी’ फेसबुक पेज के गुमनाम एडमिनिस्ट्रेटर प्रतीक सिन्हा और ‘सैम जावेद’ नाम के एक व्यक्ति का इलेक्ट्रिक तिकड़ी के रूप में उल्लेख किया गया है। जब हमने सैम जावेद का ट्विटर प्रोफाइल चेक किया तो पाया कि उसने 14 फरवरी, 2017 को ऑल्ट न्यूज़ के बारे में बात करना शुरू किया था। ऑल्ट न्यूज़ की स्थापना 8 फरवरी 2017 को हुई थी।

18 अप्रैल 2017 को उन्होंने ऑल्ट न्यूज़ पर अपना पहला लेख साझा किया।

सैम जावेद ब्लॉगस्पॉट पर “क्रिटिकल आई” नाम से एक ब्लॉग चलाती थीं। ये सभी पोस्ट हटा दी गई हैं, लेकिन आर्काइव को यहाँ से एक्सेस किया जा सकता है। ऑपइंडिया ने समीना अहमद से इस बात की पुष्टि करने के लिए संपर्क किया कि क्या वह ऑल्ट न्यूज़ की वही तीसरी ‘को-फ़ाउंडर’ हैं। यदि हम उससे वापस सुनते हैं तो हम लेख को अपडेट करेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जम्मू-कश्मीर की पार्टियों ने वोट के लिए आतंक को दिया बढ़ावा’: DGP ने घाटी के सिविल सोसाइटी में PAK के घुसपैठ की खोली पोल,...

जम्मू कश्मीर के DGP RR स्वेन ने कहा है कि एक राजनीतिक पार्टी ने यहाँ आतंक का नेटवर्क बढ़ाया और उनके आका तैयार किए ताकि उन्हें वोट मिल सकें।

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चलती रहेगी आय से अधिक संपत्ति मामले CBI की जाँच: दौलत के 5 साल...

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI जाँच से राहत देने से मना कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -