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ऑन स्क्रीन राजदीप सरदेसाई की चाटुकारिता: अजय बिष्ट पर नो प्रॉब्लम, एंटोनियो माइनो पेट पर लगी

जब भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया सोनिया गाँधी के लिए 'एंटोनियो माइनो' शब्द का प्रयोग करते हैं और बोलने की कोशिश करते हैं तो राजदीप सरदेसाई उन्हें बीच में ही रोक देते हैं। उनसे कहते हैं कि आखिर इस पूरे मामले में एंटोनियो माइनो को क्यों लेकर आया जा रहा है। उनका इससे क्या लेना-देना है।

सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर हो रहा है जो राजदीप सरदेसाई की हिप्पोक्रेसी बयॉं करती है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अजय बिष्ट कहे जाने पर उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन जैसे ही एंटोनियो माइनो का जिक्र आता है उनके हाव-भाव बदल जाते हैं।

वीडियो इंडिया टुडे के एक डिबेट शो का है। इस शो के दौरान राजदीप कॉन्ग्रेस प्रवक्ता की बातों को सुनकर अलग प्रतिक्रिया देते हैं। लेकिन, भाजपा प्रवक्ता की बात सुनकर तिलमिला जाते हैं।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया इस डिबेट का वीडियो शेयर किया है। इस शो के एक स्लॉट में कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुष्मिता देव सीएम योगी आदित्यनाथ का जिक्र ‘अजय बिष्ट’ कहकर करती हैं। कहती हैं कि उनके पास कोई कारण नहीं था कि वे बस सेवा को अस्वीकारें। इसे सुनकर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप शांतचित्त से शो को आगे बढ़ा देते हैं।

लेकिन इसी शो में जब भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया सोनिया गाँधी के लिए ‘एंटोनियो माइनो’ शब्द का प्रयोग करते हैं और बोलने की कोशिश करते हैं कि उनकी पार्टी (कॉन्ग्रेस) महाराष्ट्र में है… तो सरदेसाई बीच में ही उन्हें रोकते हैं। उनसे कहते हैं कि आखिर इस पूरे मामले में एंटोनियो माइनो को क्यों लेकर आया जा रहा है। उनका इससे क्या लेना-देना है।

गौरव भाटिया इसका जवाब भी देते हैं। वे कहते हैं, “जब योगी आदित्यनाथ को किसी अन्य नाम से बुलाया जाता है, तो आप शांत रहते हैं, इसलिए मैं यहाँ एंटोनिया माइनो का नाम लेकर आया, जो आपकी बहुत करीबी हैं।”

गौरतलब है कि अब सोशल मीडिया पर इंडिया टुडे के इस डिबेट में हुए इन दो अलग-अलग वाकयों को एक साथ जोड़कर सरदेसाई की निष्पक्ष पत्रकारिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कोई उन्हें एंटोनिया माइनो का चमचा बोल रहा है तो कोई उन्हें कॉन्ग्रेसी पत्रकार बोल रहा है।

एक यूजर ने सरदेसाई के लिए ये भी लिखा है कि उनके जैसे पत्रकार जिदंगी में मुकाम पाने के लिए चाटुकारिता करते नजर आए हैं। इसलिए इन जैसे पत्रकारों को कोई सलाह देने की जरूरत नहीं हैं। इनका सिर्फ़ बहिष्कार होना चाहिए।

यहाँ बता दें, कि अभी कुछ समय पहले ही राजदीप सरदेसाई का एक और कारनामा सामने आया था। इस वाकए में भी वे राहुल गाँधी की चाटुकारिता करने में इतना अधिक बह गए थे कि दूसरे पत्रकार शीला भट्ट ने उनकी पोल खोल दी थी।

दरअसल बीते दिनों राहुल गाँधी ने लॉकडाउन के दौरान मीडिया से बातचीत की एक सीरिज शुरू की थी, जिसके बाद राजदीप सरदेसाई ने कॉन्ग्रेस के उत्तराधिकारी की अनस्क्रिप्टेड मीडिया इंटरैक्शन के लिए उनकी सराहना की।

मगर, शीला भट्ट ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बातचीत तो अच्छी रही मगर इसे ‘फ्री व्हीलिंग’ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों द्वारा पहले ही पूछे जाने वाले प्रश्न कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को सौंप दिए गए थे। साथ ही, वही पत्रकार सवाल पूछ सकते थे जिन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा चिन्हित किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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