Saturday, March 6, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया अक्षय पात्र विवाद पर The Hindu में दोफाड़, दो बड़े नाम पब्लिक में फेंक...

अक्षय पात्र विवाद पर The Hindu में दोफाड़, दो बड़े नाम पब्लिक में फेंक रहे कीचड़

...वहीं इसे The Hindu में अंदरूनी संघर्ष और अक्षय पात्र वाली 'भूल' को एक-दूसरे के गुट के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

अक्षय पात्र फाउंडेशन के विवाद में The Hindu के अंदर से ही दो तरह की आवाज़ें आनी शुरू हो गईं हैं। एक तरफ सह-चेयरपर्सन और सम्पादकीय निदेशक मालिनी पार्थसारथी हैं, जिन्होंने अक्षय पात्र पर हुई ‘हिट जॉब’ कवरेज को गलती बताते हुए इसके लिए स्तम्भ लेखिका अर्चना नातन और दैनिक सम्पादन देखने वाले सुरेश नंबात को दोषी ठहरा दिया। वहीं दूसरी ओर चेयरमैन और पूर्व मुख्य सम्पादक एन राम ने इन दोनों के बचाव में आ कर विरोध करने वालों को साम्प्रदायिक और कट्टर करार दे दिया।

नूराकुश्ती/दोफाड़ राउंड- 1

इस नूराकुश्ती या दोफाड़ का पहला चरण तब प्रारंभ हुआ जब PGurus पोर्टल के संपादक श्री अय्यर ने ‘संघी’ अक्षय पात्र फाउंडेशन के सह-संस्थापक टीवी मोहनदास पई से The Hindu के हिट-जॉब के बारे में यूट्यूब पॉडकास्ट कर उसे ट्विटर पर डाला। उसके जवाब में उसे रीट्वीट करते हुए मालिनी पार्थसारथी ने उक्त ट्वीट में उस लेख के छपे को तो गलती माना, लेकिन उसकी जिम्मेदारी से खुद को किनारे कर लिया।

दूसरी ओर फोटोशॉप से राफेल में घोटाला साबित करने को लेकर (कु)चर्चित एन राम ने एक के बाद एक (देखें ऊपर) तीन अलग-अलग ट्वीट से लेखिका अर्चना नातन और सम्पादक सुरेश नंबात सहित लेख का बचाव और उसे गलत ठहराने, या उस पर सवाल खड़ा करने वालों को कोसना शुरू कर दिया। इस प्रहसन पर कटाक्ष करते हुए पत्रकार शेफाली वैद्य ने ट्विटर पर इसे कोरा नाटक करार दिया:

नूराकुश्ती/दोफाड़ राउंड- 2

दूसरे राउंड में एन राम के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए मालिनी पार्थसारथी ने अपनी बात दोहराई। साथ ही अपने ओहदे का हवाला देते हुए यह भी साफ़ कर दिया कि अक्षय पात्र विवाद पर उनकी राय और विचार महज़ उनके निजी तौर पर नहीं है, बल्कि हिन्दू ग्रुप के सम्पादकीय निदेशक के हैं। उसके बाद एन राम ने The Hindu की सम्पादकीय मूल्यों की संहिता (Code of Editorial Values) से कॉपी-पेस्ट कर ताबड़तोड़ ट्वीट करने शुरू कर दिए।

सबसे पहले ही ट्वीट में “आंतरिक हस्तक्षेप” का ज़िक्र यूँ ही नहीं है। यह मालिनी पार्थसारथी की ही ओर इशारा है, जिनके “बतौर संपादकीय निदेशक” ट्वीट का अर्थ यह लगाया जा रहा था कि शायद वे इस बतौर संपादकीय निदेशक अक्षय पात्र की स्तम्भकार और लेख को पास करने वाले संपादक पर कार्रवाई करें, या आगे से ऐसे किसी लेख को बतौर सम्पादकीय निदेशक रोक दें।

अगर दोफाड़ है तो पहली नहीं है

दोनों पक्षों (एन राम और मालिनी पार्थसारथी) की भाषा से साफ है कि यह महज़ एक संस्था के भीतर दो विभिन्न मतों का मसला नहीं है। या तो The Hindu का प्रबंधन इस मुद्दे पर सच में दोफाड़ है, या यह केवल एक नूरा कुश्ती चल रही है। शेफाली वैद्य ने जहाँ इसे नूरा कुश्ती मानते हुए तंज किया है, वहीं इसे The Hindu में अंदरूनी संघर्ष और अक्षय पात्र वाली ‘भूल’ को एक-दूसरे के गुट के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

इससे पहले भी तत्कालीन संपादक सिद्धार्थ वरदराजन (द वायर वाले) को The Hindu के शेयरधारक परिवारों की खींचतान में इस्तीफ़ा देना पड़ा था। वह The Hindu Group के शेयरधारक परिवारों के बाहर के पहले संपादक थे। लेकिन 2.5 वर्ष के भीतर ही उन्हें भी बाहर का रास्ता तलाशना पड़ा। मजे की बात यह है कि उन्हें लाने और बाहर करने वाले, दोनों ही एन राम थे

कुल मिलाकर…

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि चाहे यह नूरा कुश्ती हो या सच में इस मुद्दे ने The Hindu में एक और शक्ति-संघर्ष और सत्ता-परिवर्तन का मौका पैदा कर दिया हो, पत्रकारिता के समुदाय विशेष को शायद यह अब समझ में आने लगा है कि हिन्दू अपने ऊपर और हिट-जॉब बर्दाश्त नहीं करेंगे। बेहतर होगा कि वह इस सबक को हमेशा के लिए याद रखें। बाकी रही The Hindu की बात, तो ट्विटर यूज़र नयनिका का निम्न ट्वीट एक वाक्य में उनकी कवायद का साराँश है…

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ओडिशा के टाइगर रिजर्व में आग पशु तस्करों की चाल या प्रकृति का कोहराम? BJP नेता ने कहा- असम से सीखें

सिमिलिपाल का नाम 'सिमुल' से आया है, जिसका अर्थ है सिल्क कॉटन के वृक्ष। ये एक राष्ट्रीय अभयारण्य और टाइगर रिजर्व है।

माँ-बाप-भाई एक-एक कर मर गए, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया: 20 साल विष्णु को किस जुर्म की सजा?

20 साल जेल में बिताने के बाद बरी किए गए विष्णु तिवारी के मामले में NHRC ने स्वत: संज्ञान लिया है।

मनसुख हिरेन की लाश, 5 रुमाल और मुंबई पुलिस का ‘तावड़े’: पेंच कई, ‘एंटीलिया’ के बाहर मिली थी विस्फोटक लदी कार

मनसुख हिरेन की लाश मिलने के बाद पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था। लेकिन, कई सवाल अनसुलझे हैं। सवाल उठ रहे कहीं कोई साजिश तो नहीं?

‘वह शिक्षित है… 21 साल की उम्र में भटक गया था’: आरिब मजीद को बॉम्बे हाई कोर्ट ने दी बेल, ISIS के लिए सीरिया...

2014 में ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया गया आरिब मजीद जेल से बाहर आ गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसकी जमानत बरकरार रखी है।

अमेज़न पर आउट ऑफ स्टॉक हुई राहुल रौशन की किताब- ‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’

राहुल रौशन ने हिंदुत्व को एक विचारधारा के रूप में क्यों विश्लेषित किया है? यह विश्लेषण करते हुए 'संघी' बनने की अपनी पेचीदा यात्रा को उन्होंने साझा किया है- अपनी किताब 'संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा' में…"

मुंबई पुलिस अफसर के संपर्क में था ‘एंटीलिया’ के बाहर मिले विस्फोटक लदे कार का मालिक: फडणवीस का दावा

मनसुख हिरेन ने लापता कार के बारे में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। आज उसी हिरेन को मुंबई में एक नाले में मृत पाया गया। जिससे यह पूरा मामला और भी संदिग्ध नजर आ रहा है।

प्रचलित ख़बरें

16 महीने तक मौलवी ‘रोशन’ ने चेलों के साथ किया गैंगरेप: बेटे की कुर्बानी और 3 करोड़ के सोने से महिला का टूटा भ्रम

मौलवी पर आरोप है कि 16 माह तक इसने और इसके चेले ने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया। उससे 45 लाख रुपए लूटे और उसके 10 साल के बेटे को...

‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसमें हिंदूफोबिक ट्वीट के कारण विवादों में रही सायानी घोष का भी नाम है।

‘मैं 25 की हूँ पर कभी सेक्स नहीं किया’: योग शिक्षिका से रेप की आरोपित LGBT एक्टिविस्ट ने खुद को बताया था असमर्थ

LGBT एक्टिविस्ट दिव्या दुरेजा पर हाल ही में एक योग शिक्षिका ने बलात्कार का आरोप लगाया है। दिव्या ने एक टेड टॉक के पेनिट्रेटिव सेक्स में असमर्थ बताया था।

‘जाकर मर, मौत की वीडियो भेज दियो’ – 70 मिनट की रिकॉर्डिंग, आत्महत्या से ठीक पहले आरिफ ने आयशा को ऐसे किया था मजबूर

अहमदाबाद पुलिस ने आयशा और आरिफ के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्ड्स को एक्सेस किया। नदी में कूदने से पहले आरिफ से...

फोन कॉल, ISIS कनेक्शन और परफ्यूम की बोतल में थर्मामीटर का पारा: तिहाड़ में हिंदू आरोपितों को मारने की साजिश

तिहाड़ में हिंदू आरोपितों को मारने की साजिश के ISIS लिंक भी सामने आए हैं। पढ़िए, कैसे रची गई प्लानिंग।

पिंकी को अफसर अली ने घर बुलाया, परिजनों संग मिल गला दबाया, पेड़ से लटका दिया: गोपालगंज में प्यार के बदले मर्डर

बिहार के गोपालगंज जिले में पेड़ से लटकी मिली पिंकी कुमारी ने आत्महत्या नहीं की थी। प्रेमी अफसर अली ने परिजनों संग मिल उसका मर्डर किया था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,301FansLike
81,953FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe